रतलाम। मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों में चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ नहीं मिलने से असंतोष और नाराजगी बढ़ती जा रही है। शिक्षा विभाग के शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दिए जाने के बाद जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों को इससे वंचित रहने पर भेदभाव की भावना पैदा हो रही है। शिक्षकों का कहना है कि जब सरकार ने इस संबंध में घोषणा कर कैबिनेट से प्रस्ताव भी पारित कर दिया है, तो फिर आदेश जारी करने में देरी क्यों हो रही है?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक, प्रधानाध्यापक तथा प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ मिलने का इंतजार है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों को भी चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने की घोषणा की गई थी। इसके बाद 4 अगस्त 2026 को कैबिनेट में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया। हालांकि, कैबिनेट की मंजूरी के लगभग दो माह बीत जाने के बाद भी संबंधित आदेश जारी नहीं होने से शिक्षकों में निराशा बनी हुई है।
कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
इस मामले को लेकर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांतीय सचिव एवं रतलाम जिलाध्यक्ष श्री बृजलाल बोरिया तथा जिला उपाध्यक्ष श्री भंवरलाल देवड़ा ने पहल की है। दोनों पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं संघ के प्रांतीय अध्यक्ष को पत्र लिखकर जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ देने संबंधी आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की है।
पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि दीपावली के त्योहार से पहले आदेश जारी कर शिक्षकों को राहत प्रदान की जाए, ताकि लंबे समय से लाभ की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिल सके और उनमें व्याप्त असंतोष दूर हो।
दीपावली से पहले आदेश जारी करने की मांग
कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का मानना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा और कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब आदेश जारी करने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। समय पर आदेश जारी होने से प्रदेशभर के जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों को राहत मिलेगी और वे दीपावली का त्योहार उत्साह एवं खुशी के साथ मना सकेंगे।
अब शिक्षकों की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। देखना होगा कि सरकार दीपावली से पहले आदेश जारी कर शिक्षकों की इस मांग को पूरा करती है या उन्हें इसके लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत