रतलाम / सैलाना। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पात्र मतदाताओं के नाम छूटने के मुद्दे पर भारत आदिवासी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के मार्गदर्शन में भारत आदिवासी पार्टी, जिला रतलाम के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने रविवार को सैलाना तहसील कार्यालय में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के नाम ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार प्रतिभा भावर को सौंपे गए ज्ञापन में SIR प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, मतदाता सूची में पारदर्शिता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही तय करने के साथ उनके इस्तीफे की मांग भी की।
पार्टी ने ज्ञापन में कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। किसी भी पात्र नागरिक का नाम निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना नहीं हटाया जाना चाहिए। जिन मतदाताओं के नाम छूट गए हैं या हटाए जाने की आशंका है, उन्हें आपत्ति दर्ज कराने, दस्तावेज प्रस्तुत करने और सुनवाई का उचित अवसर मिलना चाहिए। ज्ञापन में SIR से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच, समयबद्ध निराकरण तथा अनियमितता प्रमाणित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी की गई।
18 साल पूरे करने वाले युवाओं के नाम नहीं जुड़ने की शिकायतें: विधायक डोडियार
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि जिले में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कई नौजवानों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार प्रत्येक पात्र नागरिक का संवैधानिक है। यदि पात्र युवाओं के नाम ही सूची में नहीं जुड़ेंगे, तो वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी से वंचित रह सकते हैं।
डोडियार ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मुद्दे पर कानूनी और संवैधानिक दोनों स्तरों पर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा, अदालतों में लड़ाई के साथ-साथ हम संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए वोट चोरी के खिलाफ बड़ा आंदोलन तैयार करेंगे, ताकि संविधान और लोकतंत्र को बचाया जा सके। विधायक के अनुसार, मतदाता सूची की पारदर्शिता और पात्र नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग
ज्ञापन में पार्टी ने मांग की कि संबंधित क्षेत्रों में मतदाता सूची का नियमानुसार सत्यापन कराया जाए और शिकायतों का समयसीमा में निराकरण हो। पार्टी का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठ रही चिंताओं का समाधान निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई से किया जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग रखते हुए पार्टी ने कहा कि निर्वाचन के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
ये पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष चंदू मईडा, राष्ट्रीय सदस्य कविता भगोरा, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष संगीता कटारा, जिला उपाध्यक्ष सुनील निनामा, सरपंच संजू मईडा, खराड़ी ब्लॉक अध्यक्ष कालूसिंह डोडियार, शिवगढ़ उपाध्यक्ष सीताराम भावर, सैलाना मंडल अध्यक्ष प्रकाश खराड़ी सहित रमेश खराड़ी, संजय मईडा, ईश्वर डोडियार, प्रकाश निनामा, पंकज मईडा, शंकर राणा, फणीश्वर मईडा, कमल सिंघाड़ा, नारायण निनामा, रामलाल निनामा, धनजी निनामा, श्यामलाल निनामा, गंजी निनामा, राकेश मईडा, कांजी निनामा एवं बापूराम निनामा सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भारत आदिवासी पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि संबंधित सक्षम प्राधिकरणों के जरिए मामले का संज्ञान लेकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का मताधिकार प्रभावित न हो और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास कायम रहे।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत