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लोक अदालतों, निःशुल्क विधिक सहायता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने पर दिया जोर आगर-मालवा । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगर-मालवा द्वारा मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर स्थित कार्यालय में पत्रकारों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधिक जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने, लोक अदालतों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने तथा जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ दिलाने में मीडिया की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री सुरेंद्र सिंह गुर्जर ने पत्रकारों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि विधिक सेवाओं, कानूनी अधिकारों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना आवश्यक है। इस दिशा में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मीडिया के माध्यम से नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, लोक अदालतों और निःशुल्क विधिक सहायता के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिलती है। बैठक के दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा की गई। साथ ही विधिक जागरूकता शिविरों, लोक अदालतों और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए पत्रकारों से सुझाव आमंत्रित किए गए। जरूरतमंदों तक पहुंचे कानूनी सहायता का लाभ विचार-विमर्श के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि समाज के वंचित, जरूरतमंद एवं पात्र व्यक्तियों को विधिक सहायता संबंधी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जागरूकता अभियान को व्यापक बनाया जाना चाहिए। मीडिया और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बीच बेहतर समन्वय से लोगों को उनके अधिकारों, कानूनी प्रक्रियाओं और उपलब्ध विधिक सुविधाओं के प्रति जागरूक किया जा सकता है। पत्रकारों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव बैठक में पत्रकार समरथ सिंह राजपूत, राजकुमार, रितेश खंडेलवाल, अब्दुल शफीक खान, हरिनारायण यादव, डॉ. जगदीश मालवी, देवेंद्र मेवाड़ा, बहादुर सिंह पवार सहित अन्य पत्रकार उपस्थित रहे। पत्रकारों ने विधिक जागरूकता से संबंधित जानकारी जन-जन तक पहुंचाने तथा जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करने के संबंध में अपने सुझाव साझा किए। बैठक का मुख्य उद्देश्य मीडिया के सहयोग से विधिक जागरूकता को मजबूत करना और पात्र नागरिकों तक निःशुल्क कानूनी सहायता एवं अन्य विधिक सेवाओं की जानकारी पहुंचाना रहा। |