रतलाम / बाजना/सैलाना। बाजना में मुस्लिम पंचायत से जुड़े कुछ मामलों को लेकर सरतलाममाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। निकाहनामा रजिस्टर से संबंधित शिकायतों, व्हाट्सएप संदेशों में लगाए गए आरोपों और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने की आशंका को लेकर बाजना से पहुंचे समाजजनों ने आईपीएस एसडीओपी लेखराज मीणा को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। आवेदनकर्ताओं ने प्रशासन से अनुरोध किया कि सभी संबंधित पक्षों की बात सुनकर उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाए।
इस दौरान मुस्लिम पंचायत बाजना के सदर जफर पठान, पूर्व सदर फिरोज पठान, नायब सदर हुसैन पठान, वारिश मकरानी, आबिद सिंधी, इमरान मकरानी, फरीद मकरानी, लादेन मकरानी, सद्दाम सिंधी, जावेद पठान, इदरीश पठान, मोइन मंसूरी सहित अन्य समाजजन उपस्थित रहे।
निकाहनामा रजिस्टर को लेकर पूर्व सदर ने रखा अपना पक्ष
पूर्व सदर फिरोज खान पठान ने अपने आवेदन में श्रीमती सहनाज बी और उनके पुत्र मोनू मकरानी से संबंधित शिकायतों के संदर्भ में अपना पक्ष प्रस्तुत किया। आवेदन के अनुसार, फिरोज खान वर्ष 2004 से 2022 तक मुस्लिम पंचायत बाजना के सदर रहे थे। उन्होंने बताया कि उस दौरान सामाजिक परंपराओं के अनुसार परिजनों के अनुरोध पर निकाह पढ़ाया जाता था और संपन्न निकाह की प्रविष्टि पंचायत के निकाहनामा रजिस्टर में की जाती थी।
आवेदन में सिमरान बी और सद्दाम के निकाह से संबंधित मामले का उल्लेख करते हुए फिरोज खान ने कहा कि परिजनों के अनुरोध पर निकाह कार्यक्रम की तारीख तय की गई थी, लेकिन सिमरान के नाबालिग होने की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित विभागीय टीम ने कार्यक्रम रुकवा दिया था। उनका कहना है कि इस परिस्थिति में उनके द्वारा निकाह नहीं पढ़ाया गया और निकाहनामा रजिस्टर में भी इसकी प्रविष्टि नहीं की गई।
फिरोज खान ने आवेदन में निकाहनामा रजिस्टर के पृष्ठ क्रमांक 33 से 63 के बीच कथित प्रविष्टियों से संबंधित शिकायत पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने संबंधित रजिस्टर और विभागीय अभिलेखों का परीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में उन्हें बार-बार बयान देने के लिए बुलाए जाने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शिकायतों से संबंधित परिस्थितियों और अपने साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों की भी जांच कराने का अनुरोध किया है।
व्हाट्सएप संदेशों को लेकर नायब सदर ने जताई आपत्ति
मुस्लिम पंचायत के नायब सदर हुसैन खान पठान ने अपने आवेदन में 25 अक्टूबर 2026 को आयोजित समाजजनों की बैठक का उल्लेख किया। उनके अनुसार, नमाज-ए-ईशा के बाद हुई इस बैठक का उद्देश्य कब्रिस्तान की बाउंड्री का रुका हुआ निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराने, मस्जिद के रखरखाव और समाजहित से जुड़े विषयों पर चर्चा करना था।
हुसैन खान ने आवेदन में बताया कि बैठक के बाद उनके व्हाट्सएप नंबर पर दूसरे नंबर से कुछ संदेश प्राप्त हुए। आवेदन में संबंधित नंबर का उपयोग मोनू मकरानी द्वारा किए जाने की बात कही गई है। हुसैन खान के अनुसार, संदेशों में बैठक की सूचना नहीं देने, समाजजनों के मोबाइल फोन लेने, मस्जिद के सीसीटीवी कैमरों के बंद होने, शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने तथा सामाजिक स्तर पर निर्णय लिए जाने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया।
हुसैन खान ने अपने आवेदन में इन आरोपों से असहमति जताते हुए कहा कि बैठक समाजहित के मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए आयोजित की गई थी। उन्होंने किसी का मोबाइल फोन छीनने, शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने अथवा किसी व्यक्ति को समाज से बाहर करने का निर्णय लेने संबंधी आरोपों का खंडन किया।
सीसीटीवी कैमरों के संबंध में उन्होंने बताया कि कैमरे शॉर्ट सर्किट की तकनीकी समस्या के कारण बंद हैं और आवश्यक सुधार कराया जाएगा। उन्होंने प्राप्त व्हाट्सएप संदेशों के स्क्रीनशॉट आवेदन के साथ प्रस्तुत करने तथा आवश्यकता पड़ने पर मूल संदेश जांच के लिए उपलब्ध कराने की बात भी कही है।
निष्पक्ष जांच और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की मांग
दोनों आवेदनों में संबंधित मामलों की तथ्यात्मक जांच कराने का अनुरोध किया गया है। आवेदकों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित व्यक्तियों के बयान, उपलब्ध दस्तावेज, व्हाट्सएप संदेश और अन्य प्रासंगिक साक्ष्य देखे जाने चाहिए।
हुसैन खान ने अपने आवेदन में कहा कि बाजना में विभिन्न समाजों के लोग आपसी भाईचारे और सद्भाव के साथ रहते हैं। ऐसे में विवाद का निष्पक्ष समाधान आवश्यक है, ताकि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा प्रभावित न हो और सामाजिक संबंधों में अनावश्यक तनाव पैदा न हो।
वहीं, फिरोज खान ने अपने आवेदन में पूर्व में की गई शिकायतों और उनके संबंध में हुई जांच का उल्लेख करते हुए संबंधित अभिलेखों के परीक्षण की मांग की है। उन्होंने अपने विरुद्ध लगाए गए आरोपों के संबंध में भी निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है।
यहां उल्लेखनीय है कि आवेदनों में प्रस्तुत बातें आवेदनकर्ताओं के पक्ष और आरोप हैं। संबंधित पक्षों का जवाब तथा जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
समाजजनों ने अधिकारियों से की उचित कार्रवाई की मांग
बाजना से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओपी को आवेदन सौंपकर अनुरोध किया कि उपलब्ध साक्ष्यों और सभी संबंधित पक्षों के कथनों के आधार पर जांच की जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार का कानून उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इस दौरान बाजना उप सरपंच रोनक लुणावत मुस्लिम पंचायत बाजना के सदर जफर पठान, पूर्व सदर फिरोज पठान, हुसैन पठान, वारिश मकरानी, आबिद सिंधी, इमरान मकरानी, फरीद मकरानी, लादेन मकरानी, सद्दाम सिंधी, जावेद पठान, इदरीश पठान, मोइन मंसूरी सहित अन्य समाजजन मौजूद रहे।
एसडीओपी लेखराज मीणा ने दिया जांच का आश्वासन
आवेदन प्राप्त होने के संबंध में आईपीएस एसडीओपी लेखराज मीणा ने कहा, देखिए, अभी बाजना से लोग आए हैं। उन लोगों ने कुछ आवेदन दिए हैं, तो उसको चेक किया जाएगा। जो भी उसमें विधिवत कार्रवाई है, वो की जाएगी।
एसडीओपी के इस बयान के बाद अब प्रस्तुत आवेदनों और उनमें उल्लिखित तथ्यों के परीक्षण पर नजर रहेगी। मामले में आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों, जांच में सामने आने वाली जानकारी और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार की जाएगी।
फिलहाल, समाजजनों ने प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब संबंधित पक्षों के कथनों और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही विवाद से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत