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नीमच । कलेक्टर एवं अतिरिक्त प्रमुख रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु), नीमच ने जिले के नागरिकों से जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं का निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जन्म एवं मृत्यु का पंजीयन प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। इससे न केवल शासकीय अभिलेखों में सही जानकारी दर्ज होती है, बल्कि विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने तथा नागरिक अधिकारों से संबंधित दस्तावेजी प्रक्रिया में भी सुविधा मिलती है। विलंब से पंजीयन के लिए निर्धारित हैं अलग-अलग प्रावधान जन्म एवं मृत्यु पंजीयन संबंधी अधिनियम में किए गए संशोधनों के अनुसार निर्धारित अवधि के बाद पंजीयन कराने के लिए अलग-अलग प्रक्रियाएं तय की गई हैं। यदि जन्म अथवा मृत्यु की घटना के एक वर्ष से अधिक, लेकिन दो वर्ष के भीतर पंजीयन के लिए सूचना दी जाती है, तो संबंधित जिला मजिस्ट्रेट, अनुविभागीय मजिस्ट्रेट अथवा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही पंजीयन किया जा सकेगा। इसी प्रकार, घटना के दो वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद पंजीयन कराने के लिए प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश आवश्यक होगा। समय पर पंजीयन कराकर अनावश्यक परेशानी से बचें कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि परिवार में जन्म अथवा मृत्यु की घटना होने पर निर्धारित समय-सीमा में संबंधित रजिस्ट्रार को सूचना देकर पंजीयन अवश्य कराएं। समय पर पंजीयन होने से भविष्य में दस्तावेज बनवाने,शासकीय योजनाओं का लाभ लेने तथा अन्य आवश्यक कार्यों में होने वाली अनावश्यक परेशानियों से बचा जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से जन्म-मृत्यु पंजीयन के प्रति जागरूक रहने और इस महत्वपूर्ण नागरिक जिम्मेदारी का समय पर निर्वहन करने का आग्रह किया है। |