भोपाल /रतलाम
मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया को लेकर राज्य शिक्षा केन्द्र ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रावधानों को कड़ाई से लागू करते हुए विभाग ने नर्सरी से लेकर कक्षा पहली तक में प्रवेश के लिए न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा का निर्धारण कर दिया है।
नियमों में बड़े बदलाव
राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी नवीनतम आदेश के अनुसार, अब कक्षा पहली (Class-1) में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 6 वर्ष होना अनिवार्य है। अधिकतम आयु सीमा 7 वर्ष 6 माह तय की गई है। इस नियम का उद्देश्य बच्चों के मानसिक विकास के अनुरूप सही समय पर औपचारिक शिक्षा की शुरुआत करना है।
कक्षावार आयु का विवरण
प्रवेश के इच्छुक अभिभावकों को निम्नलिखित आयु मापदंडों का पालन करना होगा:
नर्सरी: न्यूनतम 3 वर्ष और अधिकतम 4 वर्ष 6 माह।
K.G. I: न्यूनतम 4 वर्ष और अधिकतम 5 वर्ष 6 माह।
K.G. II: न्यूनतम 5 वर्ष और अधिकतम 6 वर्ष 6 माह।
कक्षा-1: न्यूनतम 6 वर्ष और अधिकतम 7 वर्ष 6 माह।
आयु गणना की कट-ऑफ डेट
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयु की गणना के लिए दो अलग-अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं। नर्सरी और केजी कक्षाओं के लिए आयु की गणना 31 जुलाई 2026 की स्थिति में की जाएगी, जबकि कक्षा पहली के लिए यह गणना 30 सितंबर 2026 की स्थिति में मान्य होगी।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक द्वारा जारी इस आदेश को प्रदेश के सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को भेज दिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर पात्रता सुनिश्चित करने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया में भाग लें।
Reporter Jitendra Kumawat