भोपाल /सैलाना
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मध्यप्रदेश विधानसभा में उच्च शिक्षा से जुड़ा एक अहम मुद्दा उठाते हुए सैलाना और रतलाम क्षेत्र में संचालित निजी नर्सिंग कॉलेजों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कॉलेजों में छात्रों के साथ अन्याय किया जा रहा है और उनसे अवैध रूप से भारी-भरकम फीस वसूली जा रही है।
विधायक डोडियार ने अपने संबोधन में कहा, माननीय सभापति महोदय, मैं मेरे विधानसभा क्षेत्र सैलाना के उच्च शिक्षा विभाग से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण मांगों को सदन के पटल पर रखना चाहता हूं। सैलाना क्षेत्र में संचालित माही कॉलेज, कॉलेज ऑफ सैलाना, महाराजा इंद्रजीत कॉलेज और आधार नर्सिंग कॉलेज में पिछले तीन वर्षों से छात्रों की परीक्षाएं नहीं कराई गई हैं। विशेष रूप से एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ भी नहीं मिल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रों को डराया-धमकाया जा रहा है और उनसे अवैध रूप से फीस वसूली की जा रही है। इतना ही नहीं, जो विद्यार्थी अन्य कॉलेजों में ट्रांसफर लेना चाहते हैं, उन्हें एनओसी (NOC) और आवश्यक दस्तावेज भी नहीं दिए जा रहे हैं, जिससे सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। विधायक ने सरकार से मांग की कि इन संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाए और विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।
रावटी कॉलेज के लिए नए भवन और आर्ट्स संकाय की मांग
विधायक डोडियार ने रावटी में संचालित शासकीय कॉलेज की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यह कॉलेज प्राथमिक स्कूल के दो जर्जर कमरों में संचालित हो रहा है, जहां न पर्याप्त बैठने की व्यवस्था है और न ही आवश्यक स्टाफ। उन्होंने रावटी कॉलेज के लिए नवीन भवन स्वीकृत करने तथा वहां कला संकाय (Arts Faculty) शुरू करने की मांग की, ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
बाजना कॉलेज में साइंस संकाय शुरू करने की मांग
इसी क्रम में विधायक ने बाजना कॉलेज में विज्ञान संकाय (Science Faculty) प्रारंभ करने की मांग भी सदन में रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वहां केवल कला संकाय संचालित है, जिसके कारण विज्ञान विषय से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर साइंस स्ट्रीम शुरू होने से विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी।
सैलाना में कृषि महाविद्यालय खोलने की मांग
सैलाना को कृषि प्रधान क्षेत्र बताते हुए विधायक ने यहां शासकीय कृषि महाविद्यालय (Agriculture College) खोलने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मक्का, कपास और ककड़ी की खेती बड़े पैमाने पर होती है, लेकिन बी.एससी. एग्रीकल्चर की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को इंदौर या अन्य शहरों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। यदि सैलाना में कृषि महाविद्यालय स्थापित होता है तो स्थानीय युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
विधानसभा में उठाए गए इन मुद्दों के बाद अब क्षेत्रवासियों और विद्यार्थियों की नजरें सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो सैलाना और आसपास के क्षेत्र में उच्च शिक्षा की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
रिपोर्टिंग जितेंद्र कुमावत