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चीताखेड़ा। स्थानीय गांव चीताखेड़ा में पंचायत स्तर की मूलभूत समस्याओं में गंदगी और कचरे का मुद्दा लंबे समय से बना हुआ है। स्वच्छता के मामले में ग्राम पंचायत की स्थिति इतनी खराब है कि क्षेत्र में इसे सबसे पिछड़ी पंचायतों में गिना जाता है। कल 13 मार्च शुक्रवार को सनातन धर्म के अनुसार पूरे गांव की सुहागिन महिलाएं माली मोहल्ले में स्थित पीपल वृक्ष के पास दशा माता पर्व पर अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करने पहुंचेंगी। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि जिस स्थान पर यह धार्मिक आयोजन होना है, वहां पिछले कई वर्षों से गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पंचायत की उदासीनता और लापरवाही के कारण यहां नियमित साफ-सफाई नहीं होती। पीपल वृक्ष के आसपास नालियां गंदगी, कचरे और कीचड़ से भरी हुई हैं। सफाई कर्मचारियों द्वारा नालियों से निकाला गया कचरा भी वहीं पास में ढेर लगाकर छोड़ दिया गया है, जिससे भयंकर दुर्गंध फैल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छता के मामले में चीताखेड़ा पंचायत जिले की पंचायतों में सबसे फिसड्डी साबित हो रही है। दशा माता पूजन जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर से पहले भी यदि सफाई की व्यवस्था नहीं की गई तो पूजा करने आने वाली महिलाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक स्थल की तत्काल साफ-सफाई करवाई जाए ताकि महिलाएं स्वच्छ वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें। रिपोर्ट : दशरथ माली |