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वित्त मंत्री के बयान पर कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति....सांसद गुप्ता की भूमिका पर भी उठाए सवाल नीमच। देश की संसद में दिए गए एक बयान को लेकर जिले की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। संसद में वित्त मंत्री द्वारा नीमच जिले को राजस्थान का हिस्सा बताए जाने को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इस बयान को लेकर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे जिले की पहचान और गौरव से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ऐतिहासिक, कृषि और औद्योगिक पहचान रखने वाले नीमच जिले के बारे में इस तरह की टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे यहां के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरूण बाहेती ने नीमच को राजस्थान में बताने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि देश की वित्त मंत्री द्वारा संसद जैसे सर्वोच्च मंच पर नीमच को राजस्थान का हिस्सा बताना केवल एक सामान्य भूल नहीं, बल्कि नीमच जिले की ऐतिहासिक पहचान और अस्मिता पर आघात है। उन्होंने कहा कि नीमच वह भूमि है जिसने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आज भी अफीम उत्पादन तथा अपनी विशाल कृषि उपज मंडी के कारण देश-विदेश में अपनी पहचान रखता है। इसके बावजूद देश की वित्त मंत्री को नीमच की भौगोलिक स्थिति की जानकारी नहीं होना आश्चर्यजनक और चिंताजनक है। इस बयान में यह तथ्य छुपे हैं कि मोदी सरकार के 12 सालों में आज तक नीमच की समस्याओं को रेखांकित ही नहीं किया गया। अगर नीमच जिले की समस्याएं उठाई जाती तो सदन को ध्यान में रहता की नीमच राजस्थान में नहीं होकर मध्य प्रदेश में है। सांसद की भूमिका पर भी उठाए सवाल बाहेती ने क्षेत्रीय सांसद पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार स्थानीय सांसद सुधीर गुप्ता हैं। उनका कहना था कि संसद में देश-विदेश के मुद्दों पर चर्चा करने वाले सांसद यदि अपने संसदीय क्षेत्र की पहचान और समस्याओं को प्रभावी ढंग से सामने रखते, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। यदि केंद्र सरकार को यह याद दिलाने की आवश्यकता पड़ रही है कि नीमच मध्य प्रदेश में स्थित है, तो यह क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की कमजोरी को दर्शाता है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सांसद सुधीर गुप्ता ने आज तक नीमच के सबसे बड़े मुद्दे अफीम की समस्या को उठाया ही नहीं अगर उठाया होता तो लोकतंत्र के सबसे बड़ी मंदिर में नीमच जिले का अपमान नहीं होता। भाजपा नेतृत्व की नजर में नीमच का महत्व नहीं बाहेती ने कहा कि यह घटना इस बात का संकेत है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की नजर में नीमच जिले का महत्व कितना कम है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार और उसके प्रतिनिधि अपने ही देश के जिलों की पहचान से अनभिज्ञ हों तो यह शासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने इसे जिले की जनता के स्वाभिमान के साथ जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि इस प्रकार की टिप्पणी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। नीमच की पहचान को लेकर चिंता- जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नीमच अपनी ऐतिहासिक विरासत, अफीम उत्पादन और कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के कारण पूरे देश में विशेष स्थान रखता है। यहां के हजारों किसान अफीम उत्पादन से जुड़े हुए हैं और यह क्षेत्र आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे जिले को दूसरे राज्य का हिस्सा बताना यहां के किसानों और नागरिकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। कांग्रेस ने की कड़ी निंदा उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी वित्त मंत्री के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान की कड़े शब्दों में निंदा करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और केंद्र सरकार के समक्ष जिले की सही पहचान और महत्व को मजबूती से रखना चाहिए। श्री बाहेती ने कहा कि नीमच की जनता अपने जिले की पहचान और गौरव के प्रति सजग है। उन्होंने आग्रह किया कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए केंद्र और राज्य स्तर पर जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को अधिक सजगता और संवेदनशीलता के साथ बयान देना चाहिए। |