धार / प्रीथमपुर
धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में स्थित मैसर्स शक्ति ऐरिगेशन प्राइवेट लिमिटेड में हुए करीब 2 करोड़ रुपये के बड़े आर्थिक घोटाले के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है।
चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश, धार की अदालत ने कंपनी के सीनियर अकाउंट मैनेजर राघव राजपूत को दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 1 करोड़ 97 लाख 73 हजार 717 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, राघव राजपूत वर्ष 2017 से कंपनी में सीनियर अकाउंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि उसने जून 2021 से 2022 के बीच कंपनी के वेंडरों को भुगतान के लिए रखी गई राशि का दुरुपयोग किया और कंपनी के फंड्स को अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने यह रकम मुख्य रूप से ऑनलाइन गेमिंग और अपने निजी बैंक लोन चुकाने में खर्च की।
मामले का खुलासा तब हुआ जब कंपनी की ऑडिट टीम ने खातों की जांच के दौरान अनियमितताएं पाईं। इसके बाद कंपनी के प्रबंध निदेशक ने पीथमपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से कंपनी का लैपटॉप, मोबाइल फोन और बैंक से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। बैंक स्टेटमेंट से यह स्पष्ट हो गया कि कंपनी के पैसे आरोपी के खातों में ट्रांसफर किए गए थे।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 17 गवाहों के बयान, 88 दस्तावेजी सबूत और 7 जब्त वस्तुएं पेश की गईं। गवाहों में कंपनी के प्रबंध निदेशक, कानूनी सलाहकार और बैंक अधिकारी शामिल थे। अदालत ने आरोपी को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात जैसी धाराओं में दोषी करार दिया।
अदालत का यह फैसला आर्थिक अपराधों के मामलों में सख्त संदेश माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर ऐसे मामलों में कम सजा देखने को मिलती है, लेकिन इस मामले में कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कड़ी सजा सुनाई
Crime reporter Jitendra Kumawat