रतलाम / सरवन
रतलाम जिले के सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम जाम्बुडिया में पुरानी रंजिश ने एक दुखद रूप ले लिया है। लगभग आठ महीने पहले हुई मारपीट अब मौत का कारण बन गई है। ग्रामवासी शांतिलाल निनामा की 12 मार्च 2026 को अहमदाबाद के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना का विवरण इस प्रकार है: दिनांक 27 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 2:30 बजे शांतिलाल और उनके भाई राजू घर के बाहर बैठे थे। तभी आरोपी कान्तीलाल पिता रत्ना निनामा (ग्राम जाम्बुडिया निवासी) पुरानी रंजिश को लेकर वहां पहुंचा। उसने शांतिलाल को मां-बहन की गालियां दीं। जब शांतिलाल ने रोकने की कोशिश की, तो कान्तीलाल ने लोहे के छाते से उस पर हमला कर दिया। हमले में शांतिलाल को बाईं आंख के ऊपर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। राजू और अन्य ग्रामीणों (कनीराम निनामा, पप्पू मईड़ा) ने बीच-बचाव किया, तब आरोपी वहां से भाग गया और धमकी दी कि आइंदा मिला तो जान से खत्म कर दूंगा।
शांतिलाल को पहले सरकारी अस्पताल बेडदा और फिर मेडिकल कॉलेज रतलाम ले जाया गया, जहां वह लंबे समय तक भर्ती रहा। इस बीच पुराना मामला (अपराध क्रमांक 0/25, धारा 296, 115(2), 351(3) बीएनएस) न्यायालय में चल रहा था। लेकिन 27 फरवरी 2026 को अचानक सिरदर्द बढ़ने पर उन्हें अहमदाबाद ले जाया गया। इलाज के दौरान 12 मार्च 2026 सुबह 4 बजे उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने शव रतलाम लाकर पोस्टमार्टम के लिए रखवाया। परिजनों का आरोप है कि मौत पुरानी मारपीट में लगी जानलेवा चोटों के कारण हुई। सरवन थाने पर पहुंचने पर पुलिस ने समझाइश के बाद पोस्टमार्टम कराया। शाम करीब 7:30 बजे जिला जनपद उपाध्यक्ष केसु निनामा और चंदू मईड़ा सहित अन्य लोगों ने परिजनों से बात की और आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आरोपी के खिलाफ धाराएं बढ़ाई जाएंगी। थाने पर एसआई रजक, एसआई भूरिया, प्रधान आरक्षक विजय शेखावत आदि ने समझाने-बुझाने के बाद परिजन देर रात शव घर ले गए। आज (13 मार्च 2026) अंतिम संस्कार होगा।
मृत्यु की सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी कान्तीलाल को हिरासत में ले लिया है, जो वर्तमान में सरवन थाने में है। मामले की जांच चल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना ग्रामीण क्षेत्र में पुरानी रंजिशों के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है।
Crime reporter Jitendra Kumawat