रतलाम / सैलाना
श्री श्री 1008 आनंद गिरि जी महाराज अडवानीया के सान्निध्य में सैलाना नगर में “गो सम्मान आह्वान अभियान” के तहत सोमवार को एक व्यापक और प्रभावशाली कार्यक्रम आयोजित किया गया। गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने तथा गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में गौभक्त, संत समाज एवं जागरूक नागरिक एकत्रित हुए।
सुबह 10 बजे राजवाड़ा चौक पर आयोजन की शुरुआत सैलाना के महाराजा श्री विक्रम सिंह साहेब द्वारा गोमाता के विधिवत पूजन से हुई। पुष्पमालाओं से सुसज्जित गोमाता की आराधना के साथ पूरा वातावरण श्रद्धा और भक्ति से सराबोर हो गया। इसके पश्चात नगर में विशाल रैली निकाली गई, जिसमें “गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करो” और “गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करो” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा।
रैली के समापन पर तहसील कार्यालय में तहसीलदार कुलभूषण शर्मा (प्रशासन) के माध्यम से मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल, राष्ट्रपति महोदया, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में गोवंश की गिरती संख्या पर गंभीर चिंता जताते हुए बताया गया कि स्वतंत्रता के समय प्रति व्यक्ति 10 गोवंश उपलब्ध थे, जो आज घटकर प्रति 10 व्यक्ति 1 गोवंश रह गया है। ज्ञापन में गो-तस्करी, अवैध वध, सड़क दुर्घटनाओं और देशी नस्लों के विलुप्त होने को गंभीर संकट बताया गया।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तहत संविधान के अनुच्छेद 48 में संशोधन कर ‘केन्द्रीय गो सेवा एवं संरक्षण अधिनियम’ लागू करने, पृथक गोपालन मंत्रालय की स्थापना, गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ या ‘राष्ट्र आराध्या’ का संवैधानिक दर्जा देने, गो तस्करी और वध को संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध घोषित कर आजीवन कारावास व संपत्ति कुर्की का प्रावधान करने की मांग रखी गई।
इसके साथ ही हर ग्राम पंचायत में नंदीशाला, जिला स्तर पर आदर्श गो अभ्यारण्य, राजमार्गों पर गो-वाहिनी एम्बुलेंस, पंचगव्य आधारित उत्पादों को बढ़ावा, मिड-डे मील और प्रसाद में गो-उत्पादों का उपयोग, स्कूली पाठ्यक्रम में गो-विज्ञान शामिल करने तथा चारा सुरक्षा कानून लागू कर गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने जैसे ठोस सुझाव भी दिए गए।
अभियान की कार्ययोजना के अनुसार 27 अप्रैल को प्रथम चरण में ज्ञापन सौंपा गया है, इसके बाद संवाद, स्मरण और 2027 में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तय की गई है। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान गोमाता एवं नंदी बाबा की प्रेरणा से संचालित है और इसमें किसी प्रकार का दान स्वीकार नहीं किया जाता।
कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक संगठनों का व्यापक समर्थन देखने को मिला।
आयोजकों ने आमजन से इस जनआंदोलन में अधिक से अधिक सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि यह केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय संरक्षण का भी महत्वपूर्ण अभियान है।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत