|
|
नीमच। किसानों के लिए निर्धारित यूरिया का औद्योगिक उपयोग रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए गुरुवार को बसंत एग्रोटेक इकाई का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा द्वारा गठित विशेष दल ने इकाई परिसर में यूरिया के भंडारण, क्रय-विक्रय रिकॉर्ड एवं उत्पादन प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, बिल-बुक और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर यूरिया की वास्तविक खपत का सत्यापन किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराने के लिए जिलेभर में उर्वरक उद्योगों की चरणबद्ध जांच लगातार जारी रहेगी। निरीक्षण दल में एसडीएम प्रीति संघवी सहित कृषि, राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल रहे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कृषि उपयोग हेतु सब्सिडी प्राप्त यूरिया का औद्योगिक इस्तेमाल पाया गया तो संबंधित इकाइयों पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। --- वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 12 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त नीमच। वन विभाग ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मनासा क्षेत्र की मोकड़ी बीट में 12 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। लगातार तीन दिनों तक चले इस अभियान में विभागीय अमले ने अवैध कब्जे के प्रयासों को विफल कर वन भूमि को सुरक्षित किया। जानकारी के अनुसार, 5 मई को कक्ष क्रमांक 298 से 4 हेक्टेयर, 6 मई को 2 हेक्टेयर तथा 7 मई को कक्ष क्रमांक 297 से 6 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई। भविष्य में दोबारा कब्जा न हो सके, इसके लिए मौके पर जेसीबी मशीनों से कंटूर ट्रेंच निर्माण एवं सीपीटी की गहरी खुदाई कर स्थायी सीमा रेखा बनाई गई। यह कार्रवाई वन संरक्षक आलोक पाठक एवं वन मंडलाधिकारी एस. के. अटोदे के निर्देशन में संपन्न हुई। अभियान में उप वन मंडल अधिकारी दशरथ अखंड तथा परिक्षेत्राधिकारी शाश्वत द्विवेदी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। |