रतलाम / रावटी
सैलाना रावटी ग्राम पंचायत खेड़ी कला (धोंलावाड़) में वन विभाग द्वारा जेसीबी से मकान और झोपड़ियां हटाने की कार्रवाई के बाद उपजा विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गर्मा गया है। प्रभावित परिवारों के समर्थन में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा स्वयं मौके पर पहुंचे और वन विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई को लेकर कड़े सवाल पूछे।
ग्रामीणों के अनुसार, कई वर्षों से निवास कर रहे परिवारों के आशियानों पर वन विभाग की टीम ने जेसीबी चलाकर मकान और झोपड़ियां ध्वस्त कर दीं। घटना से प्रभावित परिवारों में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण धोंलावाड़ मार्ग पर एकत्रित होकर विरोध में बैठ गए।
मौके पर पहुंचे जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा ने अधिकारियों से पूछा कि यदि कार्रवाई की जानी थी तो संबंधित परिवारों, ग्राम पंचायत और जनप्रतिनिधियों को लिखित नोटिस क्यों नहीं दिए गए। उन्होंने कहा कि मानवता के आधार पर भी प्रशासन को बारिश के मौसम से पहले ऐसे परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना चाहिए था। इस दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच लंबी चर्चा हुई।
केशुराम निनामा ने स्पष्ट कहा कि संविधान और कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई की जानी चाहिए तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेना प्रशासन की जिम्मेदारी है। वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि पूर्व में कई बार मौखिक रूप से संबंधित लोगों को सूचना दी गई थी।
काफी देर चली बातचीत के बाद अधिकारियों द्वारा प्रभावित परिवारों के संबंध में दो दिनों के भीतर भूमि का सीमांकन कर वन अधिकार पट्टे की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया गया। आश्वासन के बाद ग्रामीणों में कुछ हद तक राहत दिखाई दी।
इस दौरान ग्राम पंचायत खेड़ी कला के सरपंच सोहनलाल पारगी, जनपद सदस्य ओंकारलाल खराड़ी, लक्ष्मण राणा, राकेश खाट, बाबूलाल मुनिया, लोकेश अमलियार, अतुल निनामा, प्रेम निनामा, शांतिलाल वसुनिया, गुड्डू माल, दिनेश खाट, टोनू भूरिया, कंवरलाल, भंवर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फिलहाल प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य होने लगी है, लेकिन ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में वन अधिकार पट्टे नहीं दिए गए तो वे आगे भी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। मामला पूरे सैलाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत