रतलाम
संवेदनशील पुलिसिंग और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से एक बार फिर बिछड़ा परिवार मिल गया और एक बुजुर्ग महिला का आशियाना फिर से रोशन हो गया। करीब एक माह से वृद्ध आश्रम में रह रही 60 वर्षीय लसु पति करू को शुक्रवार को उनके परिवार से मिलवाकर सुरक्षित घर पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, गत 16 मई को दीनदयाल नगर थाना प्रभारी द्वारा लसु बाई को विरिया खेड़ी स्थित वृद्ध आश्रम पहुंचाया गया था। वृद्ध आश्रम संचालक कुलदीप सिंह राठौड़ ने उनसे बातचीत की, जिसमें पाया गया कि वह मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं। इसके बाद सीनियर सिटीजंस पुलिस पंचायत कोर कमेटी की जिला प्रभारी शबाना खान से संपर्क कर उनकी पारिवारिक स्थिति और अन्य जानकारियां जुटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पिछले दिनों में शबाना खान, कुलदीप सिंह राठौड़, जगदीश हरारिया, जया गोयल और शब्बीर छाबड़ा द्वारा लगातार तीन चरणों में काउंसलिंग की गई। इस दौरान उनकी मानसिक स्थिति का भी मूल्यांकन किया गया और परिवार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्रित की गईं।
अंतिम काउंसलिंग शुक्रवार 6 जून को औद्योगिक थाना प्रभारी गायत्री सोनी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। इसके बाद थाना प्रभारी गायत्री सोनी के निर्देश पर होमगार्ड सैनिक कालू सिंह ने लसु बाई को उनके गांव पहुंचाकर परिजनों के सुपुर्द किया।
इस भावुक पल के दौरान जिला प्रभारी शबाना खान, कुलदीप सिंह राठौड़, जगदीश हरारिया, शब्बीर छाबड़ा, जया गोयल, हेमंत मुणत, गायत्री बाई सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
इस मानवीय पहल ने यह साबित कर दिया कि पुलिस और समाजसेवियों की संवेदनशीलता से न केवल समस्याओं का समाधान संभव है, बल्कि बिछड़े रिश्तों में फिर से अपनापन और खुशियों का दीप भी जलाया जा सकता है। एक माह की अथक मेहनत के बाद लसु बाई की घर वापसी ने सभी की आंखें नम कर दीं और एक परिवार में फिर से खुशियां लौट आईं।
रिपोर्टर : जितेन्द्र कुमावत