रतलाम / नामली
पंचेड़-नामली मार्ग स्थित तुलसी वाटर पार्क में संचालित स्पा सेंटर पर रतलाम पुलिस की छापामार कार्रवाई के बाद जांच में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसे मानव तस्करी और विदेशी नागरिकों से जुड़े नियमों के उल्लंघन के एंगल से भी जांच के दायरे में ले लिया है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने मामले में लापरवाही के आरोपों के बीच नामली थाना प्रभारी रमेश कोली और संबंधित बीट इंचार्ज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को हुई कार्रवाई में बरामद थाईलैंड की तीनों युवतियों को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है।
एफआईआर के अनुसार, भाषा संबंधी समस्या के कारण विदेशी युवतियों से मोबाइल ट्रांसलेटर के माध्यम से पूछताछ की गई। पूछताछ में युवतियों ने स्वीकार किया कि स्पा सेंटर में आने वाले ग्राहकों से रकम लेकर देह व्यापार किया जाता था। उन्होंने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में स्पा संचालक नरेश चौहान, मैनेजर भरत मेवाड़ा और वाटर पार्क मैनेजर दिलीप सिंह ठाकुर सहयोग करते थे।
छापेमारी के दौरान कमरों से इस्तेमाल किए हुए तथा नए कंडोम के कई पैकेट, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री बरामद की गई। पूछताछ में सामने आया कि स्पा सेंटर और वाटर पार्क का वास्तविक मालिक योगेश सिंह डाबी निवासी रतलाम है, जो फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।
जांच में जयपुर कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक तीनों विदेशी युवतियां टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थीं, लेकिन उन्हें स्पा सेंटर में काम पर लगाया गया था। इनमें से एक युवती का वीजा दो दिन पहले ही समाप्त हो चुका था। स्थानीय पुलिस अथवा एसपी कार्यालय को उनके ठहरने और गतिविधियों की सूचना भी नहीं दी गई थी।
पुलिस ने नामली निवासी दिलीप पुत्र प्रहलाद सिंह ठाकुर, पाली (राजस्थान) निवासी नरेश चौहान तथा जोधपुर निवासी भरत मेवाड़ा को गिरफ्तार कर अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम एवं आप्रवास व विदेशी नागरिक संबंधी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। न्यायालय ने तीनों आरोपितों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि युवतियों को रतलाम तक पहुंचाने, उनके ठहरने और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले स्थानीय सहयोगियों की पहचान की जा रही है। इस मामले में थाईलैंड दूतावास से भी संपर्क किया जा रहा है।
प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम जिले में संचालित स्पा सेंटरों की जांच कर उनके संचालन और वैधानिक दस्तावेजों की भी पड़ताल करेगी।
तुलसी वाटर पार्क स्पा सेंटर कांड अब केवल अवैध गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और मानव तस्करी की आशंकाओं तक पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत