रतलाम। थाना स्टेशन रोड क्षेत्र में 40 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का रतलाम पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर एक बार फिर अपनी तेज़ और प्रभावी कार्यशैली का परिचय दिया है।
पुलिस ने मामले के मुख्य साजिशकर्ता और फरियादी के कर्मचारी फरदीन पिता फिरोज खान (22 वर्ष), निवासी वेदव्यास कॉलोनी, रतलाम को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटी गई पूरी 40 लाख रुपये की नगदी बरामद कर ली है। मामले में उसके भाई फैज पिता फिरोज खान एवं साथी असबाब पिता सलीम रंगरेज, निवासी हाट रोड, रतलाम की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस के अनुसार 30 जून 2026 को मनीष पटवा, निवासी शहर सराय, रतलाम ने थाना स्टेशन रोड पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके मित्र एवं शराब व्यवसायी गौरव शर्मा की विभिन्न शराब दुकानों से प्राप्त लगभग 40 लाख रुपये की नगदी उनके कार्यालय भेजी गई थी। राशि लेकर आए कर्मचारी ने नगदी फरियादी के कर्मचारी फरदीन एवं उसके पिता फिरोज खान को सौंप दी। दोनों ने रकम गिनने के बाद उसे काले रंग के बैग में रखा और घर की ऊपरी मंजिल पर ले जाने लगे। तभी ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की वर्दी पहने और चेहरे पर कपड़ा बांधे एक बदमाश ने जान से मारने की धमकी देकर नगदी से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पंद्रो के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना स्टेशन रोड पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान फरदीन की गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि पूरी लूट की पटकथा उसी ने अपने भाई फैज और साथी असबाब के साथ मिलकर पहले से तैयार की थी। योजना के अनुसार जैसे ही 40 लाख रुपये उसके पास पहुंचे, उसने व्हाट्सएप पर केवल OK लिखकर अपने साथियों को संकेत भेज दिया। यह कोड मैसेज मिलते ही दोनों आरोपी ब्लिंकिट की वर्दी पहनकर स्कूटी से मौके पर पहुंचे और कुछ ही सेकंड में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी असबाब पहले ब्लिंकिट कंपनी में काम कर चुका था। इसी कारण उसने पुलिस को गुमराह करने और संदेह से बचने के लिए कंपनी की वर्दी का इस्तेमाल किया। लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और सटीक पूछताछ के सामने पूरी साजिश बेनकाब हो गई।
आरोपी फरदीन की निशानदेही पर उसके घर तथा आरोपी असबाब के घर के स्टोर रूम से 40 लाख रुपये की पूरी नगदी बरामद कर ली गई। पुलिस अब फरार आरोपी फैज एवं असबाब की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। साथ ही दोनों के अन्य जिलों में दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
इस उल्लेखनीय सफलता में थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्रपाल सिंह जादौन, उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह कनेश, उप निरीक्षक मुकेश सस्तिया, उप निरीक्षक विजय बामनिया, उप निरीक्षक शिवेंद्र कुमार, उप निरीक्षक (रे.) नवलसिंह मिनावा, प्रधान आरक्षक मुकेश सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक अभिषेक पाठक, प्रधान आरक्षक निलेश पाठक, प्रधान आरक्षक शान्तीलाल डिण्डोर, आरक्षक लाखन सिंह, आरक्षक रितेश यादव, आरक्षक निर्मल कटारा (सीएसपी कार्यालय), प्रधान आरक्षक हेमंत पंवार तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक विपुल भावसार, आरक्षक राहुल पाटीदार, आरक्षक तुषार सिसोदिया, आरक्षक पारस चावला एवं आरक्षक देवेन्द्र डोडिया की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।
रतलाम पुलिस की इस तेज़, तकनीकी और पेशेवर कार्रवाई ने न केवल 24 घंटे के भीतर करोड़ों के बराबर की संपत्ति सुरक्षित बरामद कराई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितनी भी शातिर योजना बना लें, कानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत