रतलाम /सैलाना
लद्दाख के प्रख्यात शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के विरोध में नई दिल्ली के जंतर मंतर पर किए जा रहे अनशन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सोनम वांगचुक के आंदोलन का खुलकर समर्थन करते हुए इसे देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा महत्वपूर्ण संघर्ष बताया है।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि पेपर लीक घोटालों के खिलाफ अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जब देश के लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद भी परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं तब सरकार का मौन रहना उचित नहीं कहा जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह बिना किसी विलंब के जंतर मंतर पहुंचकर आंदोलनकारियों से संवाद स्थापित करे और इस गंभीर मुद्दे का शीघ्र समाधान निकाले।
इसी बीच UGC NET जून 2026 की Sociology परीक्षा भी बड़े विवादों में घिर गई है। 30 जून को आयोजित दूसरी पाली की परीक्षा को लेकर देशभर के अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा शुरू होने से लगभग 11 घंटे पहले प्रश्नपत्र जैसी एक PDF टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर वायरल हुई थी जिसके कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा से मेल खाते बताए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में छात्रों ने दावा किया कि वायरल PDF और परीक्षा के प्रश्नों में लगभग 90 प्रश्न समान थे। हालांकि इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग लगातार तेज हो रही है।
विवाद को और गंभीर तब माना गया जब वायरल PDF के मेटाडेटा में उसका Creation Time परीक्षा से कई घंटे पहले का दिखाई देने का दावा किया गया। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल मेटाडेटा अपने आप में अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता और इसकी तकनीकी व स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
E Learning Classes की एडमिन एवं Sociology Educator गगनप्रीत कौर ने भी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी NTA को विस्तृत ईमेल भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उनका दावा है कि बड़ी संख्या में छात्रों ने उनसे संपर्क कर वायरल PDF और वास्तविक प्रश्नपत्र के मेल खाने की जानकारी दी है तथा संबंधित दस्तावेज भी जांच के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
इस पूरे विवाद को लेकर रतलाम मंदसौर नीमच सहित मध्यप्रदेश के अभ्यर्थियों में भी गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश बिहार राजस्थान हरियाणा दिल्ली महाराष्ट्र गुजरात पंजाब सहित कई राज्यों के छात्र CBI जांच दोषियों पर सख्त कार्रवाई परीक्षा निरस्त कर दोबारा परीक्षा आयोजित करने तथा जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर #UGCNETLeak #JusticeForStudents और #CancelUGCNET जैसे अभियान भी तेजी से चल रहे हैं।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि देश की प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यदि पेपर लीक जैसे मामलों पर समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो लाखों युवाओं का शिक्षा व्यवस्था से विश्वास उठ सकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर राजनीति नहीं बल्कि पारदर्शी जांच और न्यायपूर्ण कार्रवाई की आवश्यकता है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत