रतलाम। बेरियाखेड़ी स्थित शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह में शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उस समय हड़कंप मच गया जब गंभीर अपराधों में निरुद्ध सात बाल अपचारी सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट कर संप्रेक्षण गृह से फरार हो गए। एक साथ सात बाल अपचारियों के भागने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल सर्चिंग अभियान शुरू किया और कुछ ही समय में छह बाल अपचारियों को नामली थाना क्षेत्र से अभिरक्षा में ले लिया गया। वहीं एक बाल अपचारी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है।
गार्ड से मारपीट के बाद मेन गेट से निकले
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात बाल संप्रेक्षण गृह में तैनात सुरक्षा गार्ड के साथ बाल अपचारियों ने मारपीट की। इसके बाद सातों बाल अपचारी मौका पाकर संप्रेक्षण गृह के मुख्य द्वार से बाहर निकल गए। घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रतलाम एसपी अमित कुमार, एसडीएम तरुण जैन, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया तथा औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी गायत्री सोनी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण कर घटना की जानकारी ली तथा फरार बाल अपचारियों की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों को रवाना किया।
नामली क्षेत्र में छह को दबोचा
पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते फरार सात बाल अपचारियों में से छह को नामली क्षेत्र से अभिरक्षा में ले लिया गया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर संप्रेक्षण गृह से बाहर निकलने की योजना कैसे बनी और घटना में कौन-कौन शामिल था। पुलिस फरार बाल अपचारी के संभावित ठिकानों की तलाश कर रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी और घेराबंदी बढ़ाई गई है।
गंभीर अपराधों से जुड़े हैं मामले
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फरार हुए बाल अपचारियों में दो दुष्कर्म, एक हत्या, एक हत्या के प्रयास और एक रंगदारी जैसे गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में निरुद्ध बाल अपचारी शामिल थे। हालांकि प्रत्येक बाल अपचारी के मामले की विस्तृत जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
घटना ने शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर एक साथ सात बाल अपचारी सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट करने के बाद मुख्य द्वार से बाहर निकलने में कैसे सफल हो गए। क्या सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई या बाल अपचारियों ने पहले से भागने की योजना बनाई थी? पुलिस और प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटे हैं।
फिलहाल छह बाल अपचारियों के पकड़े जाने के बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, लेकिन एक बाल अपचारी के फरार होने से तलाश अभियान जारी है। पूरे मामले में जांच पूरी होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक और घटना की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत