रतलाम / आलोट / रतलाम जिले की आलोट तहसील स्थित शासकीय कन्या अजा अनुसूचित जाति सीनियर छात्रावास में कक्षा 11 की छात्राओं ने अधीक्षिका निर्मला भाम्भर भावर और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का आरोप है कि शिकायत करने के बाद उनके साथ मारपीट मानसिक प्रताड़ना जबरन सफाई का काम सामग्री के नाम पर पैसे वसूलना और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। अधीक्षिका के पति रिश्तेदार के बारे में भी अभद्र टिप्पणियों और गंदी नजरों के आरोप हैं। मामला इतना गंभीर हो गया कि छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ABVP ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
छात्राओं के बयान और आरोप
छात्रा अनामिका मालवीय ग्राम लूनी तहसील ताल और दर्शना डांगी ग्राम ताबोट ने थाना आलोट को लिखित शिकायत दी है।
अनामिका ने मीडिया के सामने बयान दिया:
मेरा नाम अनामिका मालवीय है। मैं क्लास 11th की छात्रा हूँ और सीनियर हॉस्टल की बालिका हूँ। हमारे छात्रावास की अधीक्षिका हमें बहुत ज्यादा परेशान करती है। वो हमसे झाड़ू-पोंछा लगवाती है लेट-बाथ साफ करवाती है और उनके पैसे लेती है। मना करने पर धमकी देती है कि तुमको हॉस्टल से निकाल दूंगी। उनके हसबैंड भी वहीं रहते हैं जो गलत-गलत कमेंट्सबाजी करते हैं और लड़कियों को गंदी नजरों से देखते हैं। मैं कलेक्टर महोदय से आवेदन करती हूँ कि इस समस्या का जल्द समाधान करें और उस अधीक्षिका को हटाया जाए।
अन्य छात्राओं ने बताया कि शिकायत के बाद अर्चना और सपना नाम की लड़कियां भी हमला करती हैं नाखून चुभाती हैं जूते-चप्पल फेंकती हैं।
अधीक्षिका और लड़कियों दोनों तरफ से जान से मार देंगे जैसी धमकियां मिलीं। फोन लगाने की कोशिश पर नेटवर्क फोन नहीं मिला। कैमरे से दूर ले जाकर मारने की बात भी कही गई।
भोजन को लेकर भी दबाव और धमकियां बताई गईं। छात्राओं ने स्पष्ट किया कि वे दबाव में नहीं बल्कि वास्तविक घटना बता रही हैं। मीडिया और पुलिस भी पहुंची थी।
13 जुलाई 2026 को मंडल संयोजक के निरीक्षण और 7 अगस्त 2026 को सहायक आयुक्त के निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने शिकायतें रखीं। उसके बाद से प्रताड़ना बढ़ गई ऐसा आरोप है।
ABVP का ज्ञापन और विरोध
ABVP आलोट इकाई ने 8 अगस्त 2026 को तहसीलदार वंदना किराड़े कों कलेक्टर मोहदय के नाम सै ज्ञापन सौंपा। इसमें आरोप हैं:
छात्राओं से निजी काम करवाना और अपने पैसे से सामान मंगवाना।
अभद्र भाषा मानसिक प्रताड़ना घटिया भोजन।
बिना अनुमति वीडियो बनाना।
अधीक्षिका के भाई के पुत्र का नियमों के विपरीत परिसर में रहना सुरक्षा की दृष्टि से अनुचित।
कर्मचारी उषा मीणा और कलावती कलां पांचाल द्वारा भी उत्पीड़न।
विषय बदलने का दबाव मोबाइल नेटवर्क न होने पर भी अपशब्द।
शनिवार को छात्राओं और ABVP कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
तहसील कार्यालय के सामने धरना भी दिया गया जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। तहसीलदार वंदना किराड़े ने मौके पर कहा कि 8 दिन में समस्या हल कर अधीक्षिका को हटाया जाएगा और महिला चौकीदार रखी जाएगी।
विभाग की ओर से सहायक आयुक्त प्रियंका राय ने कहा कि विरोध की जानकारी मिली है। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी। फिलहाल महिला चौकीदार नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच अधिकारी सिर्फ चुनिंदा छात्राओं से बात कर रहे हैं ऐसा कुछ छात्राओं का आरोप है।
एक तरफ अधीक्षिका पर पति के साथ रहने और अभद्र व्यवहार का आरोप है दूसरी तरफ कुछ रिपोर्टों में भाई के पुत्र के निवास का जिक्र है। दोनों दावे जांच का विषय हैं।
उत्कृष्ट बालक सीनियर छात्रावास के अधीक्षक करण सिंह चौधरी पर भी वीडियो बनाने और भड़काने के आरोप लगे थे जिनसे उन्होंने इनकार किया और थाने में आवेदन दिया।
संभावित कानूनी धाराएं
ये आरोप साबित होने पर निम्नलिखित धाराएं लग सकती हैं भारतीय न्याय संहिता BNS और अन्य कानूनों के तहत:
मारपीट हमला BNS धारा 115 117 पूर्व IPC 323 324 साधारण गंभीर चोट।
धमकी जान से मारने की धमकी BNS धारा 351 पूर्व IPC 506 आपराधिक धमकी गंभीर होने पर 351 2।
मानसिक प्रताड़ना उत्पीड़न BNS संबंधित प्रावधान महिलाओं बच्चों के खिलाफ अपराध।
जबरन काम मजदूरी जैसा व्यवहार बंधुआ मजदूरी या बाल श्रम संबंधी प्रावधान यदि लागू।
अनुसूचित जाति की छात्राओं के खिलाफ अत्याचार SC ST Prevention of Atrocities Act की धाराएं अपमान धमकी शारीरिक क्षति।
अभद्र व्यवहार यौन उत्पीड़न संबंधी यदि गंदी नजरें टिप्पणियां साबित हों तो POCSO यदि नाबालिग या महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न संबंधी धाराएं।
पद का दुरुपयोग भ्रष्टाचार सरकारी कर्मचारी होने के नाते संबंधित सेवा नियम भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम पैसे वसूलने के आरोप पर।
वीडियो बिना अनुमति निजता का उल्लंघन संबंधी प्रावधान।
मामला नाबालिग छात्राओं कक्षा 11 और SC छात्रावास से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील है।
पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। छात्राओं ने 8 अगस्त के बाद किसी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी अधीक्षिका और कर्मचारियों पर डाली है।
वर्तमान स्थिति
शिकायत थाने में ABVP ज्ञापन तहसीलदार का आश्वासन महिला चौकीदार के निर्देश। जांच जारी है। कोई अंतिम निष्कर्ष अभी नहीं निकला है आरोप कथित हैं और जांच का विषय हैं।
यह मामला छात्रावास व्यवस्था नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा और शिकायत तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे और छात्राओं को सुरक्षित अध्ययन का वातावरण दे।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत