मंदसौर। सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती को प्रेमजाल में फंसाने, होटल में ले जाकर गलत काम करने और फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये के सोने के आभूषण ऐंठने के सनसनीखेज मामले का वायडी नगर थाना पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है।
पुलिस ने चुनौतीपूर्ण कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी गोपाराम उर्फ गोपाल उर्फ राजवीर पिता सवाराम देवासी (28) निवासी रेबारियो का वास, कानाकोलर, थाना शिवगंज, जिला सिरोही राजस्थान को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर राजस्थान के कानाकोलर गांव से पीड़िता से लिए गए करीब 15 लाख रुपये कीमत के सोने के आभूषण शत-प्रतिशत बरामद कर लिए गए।
पुलिस के अनुसार 18 जुलाई 2026 को मंदसौर निवासी पीड़िता (काल्पनिक नाम काजल) ने परिजनों के साथ थाना वायडी नगर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता की स्नैपचैट आईडी के माध्यम से प्रतापगढ़ निवासी राजवीर से दोस्ती हुई थी। बाद में दोनों इंस्टाग्राम और मोबाइल के जरिए बातचीत करने लगे और प्रेम संबंध बन गए। आरोपी पीड़िता से मिलने मंदसौर आया और शादी का झांसा देकर उसे होटल में बुलाया। आरोप है कि वहां उसने पीड़िता की बिना सहमति के शारीरिक संबंध बनाए।
इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को यह कहकर डराना शुरू किया कि होटल में बने वीडियो होटल संचालक के पास हैं और रुपये या सोना नहीं देने पर वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। बदनामी के डर से पीड़िता ने आरोपी को घर में रखे सोने के आभूषण दे दिए। इनमें सोने की 4 चूड़ियां, 4 अंगूठियां, गले के 5 मांदलिया, 1 सोने का हार, 1 मंगलसूत्र, 1 सोने की चेन और 1 जोड़ी झुमकियां शामिल हैं। पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना वायडी नगर में अपराध क्रमांक 316/2026, धारा 69, 308(2), 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा (भापुसे) ने महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक टी.एस. बघेल और सीएसपी मंदसौर जितेन्द्र भास्कर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक शिवांशु मालवीय ने पुलिस टीम के साथ जांच शुरू की।
पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर और साइबर साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की। जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर राजवीर के नाम से पहचान बनाने वाला आरोपी वास्तव में गोपाराम उर्फ गोपाल उर्फ राजवीर है और वह मूल रूप से सिरोही जिले के कानाकोलर गांव का रहने वाला है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अलग सिम लेकर खुद ही होटल संचालक बनकर पीड़िता को ब्लैकमेल किया था। आरोपी सूरत के कतरगाम क्षेत्र में हीरा फैक्ट्री में काम कर रहा था। साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन ट्रेस की गई और पुलिस टीम को तत्काल सूरत रवाना किया गया।
सूरत में निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया तथा बताया कि पीड़िता से लिए गए सोने के आभूषण उसने अपने गांव कानाकोलर स्थित घर में पेटी के अंदर छिपाकर रखे हैं।
राजस्थान पहुंची पुलिस टीम, बरामद किया पूरा सोना। आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर उसकी निशानदेही पर वायडी नगर पुलिस टीम राजस्थान के कानाकोलर पहुंची। यहां आरोपी द्वारा बताए स्थान से 4 सोने की चूड़ियां, 4 सोने की अंगूठियां, 5 सोने के मांदलिया, 1 सोने का हार, 1 मंगलसूत्र, 1 सोने की चेन और 1 जोड़ी सोने की झुमकियां, कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये, बरामद कर ली गईं।
पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़िता को बड़ी राहत मिली है। महिला संबंधी गंभीर अपराध में कम समय में आरोपी की पहचान कर उसे दूसरे राज्य से गिरफ्तार करना और दूसरे राज्य से चोरी-छिपाकर रखे गए सोने के आभूषणों की शत-प्रतिशत बरामदगी को पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
पूरी कार्रवाई में निरीक्षक शिवांशु मालवीय थाना प्रभारी वायडी नगर, सउनि जगदीश ठाकुर, प्रधान आरक्षक मनीष लबाना, प्रधान आरक्षक अरविन्द पुरोहित, आरक्षक राजेन्द्र मेघवाल, आरक्षक दीपक सुथार तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक आशीष बैरागी, प्रधान आरक्षक मुजफ्फरउद्दीन और आरक्षक मनीष बघेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।