रतलाम। शासन की महत्वपूर्ण फार्मर रजिस्ट्री योजना में कम प्रगति और कार्य में लापरवाही को लेकर जावरा एवं सैलाना तहसील के दो पटवारियों को निलंबित किए जाने के बाद जिले में पटवारी संघ और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में जिले के 500 से अधिक पटवारियों ने शासकीय कार्यों का बहिष्कार कर दिया है। गुरुवार से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में पटवारी गुलाब चक्कर में एकत्रित होकर धरने पर बैठे रहे। इस दौरान संघ के पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
प्रशासन के अनुसार हल्का क्रमांक 08 ग्राम पिपलीयासीर तहसील जावरा के पटवारी महेश सिंघाड़ के क्षेत्र में फार्मर रजिस्ट्री कार्य की प्रगति 30 प्रतिशत से भी कम पाई गई। अपर कलेक्टर द्वारा 12 अगस्त 2026 को कार्य की समीक्षा के दौरान स्थिति सामने आने पर उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था, लेकिन पटवारी द्वारा नोटिस का जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसी तरह सैलाना तहसील के पटवारी परमानन्द खेडड़ा के विरुद्ध भी कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और प्रशासनिक निर्देशों के पालन में लापरवाही को लेकर कार्रवाई की गई। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया तथा निलंबन अवधि में संबंधित तहसील कार्यालय को उनका मुख्यालय निर्धारित किया गया है।
इधर पटवारी संघ ने कार्रवाई को बगैर जांच-पड़ताल, परीक्षण, आकलन एवं विश्लेषण के की गई कार्रवाई बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। संघ का कहना है कि जिले के अधिकांश किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है। जो किसान शेष हैं, उनमें बड़ी संख्या दो-तीन बिस्वा भूमि वाले किसानों अथवा शहरी क्षेत्र के किसानों की है। संघ का दावा है कि फार्मर आईडी नहीं बनने से किसानों के आवश्यक कार्य रुक नहीं रहे हैं।
पटवारियों ने निलंबन के साथ ही 10 पटवारियों के वेतन काटने के आदेश का भी विरोध किया है। संघ ने मांग की है कि दोनों पटवारियों के निलंबन तथा वेतन कटौती के आदेश तत्काल निरस्त किए जाएं। पटवारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक प्रशासन द्वारा आदेश वापस नहीं लिए जाते, तब तक जिले के समस्त पटवारी अपने-अपने हल्का मुख्यालयों पर उपस्थित रहकर समस्त शासकीय कार्यों से विरत रहेंगे।
पटवारियों के कार्य बहिष्कार के चलते राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। विरोध प्रदर्शन में रतलाम शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र, जावरा, सैलाना, आलोट, बाजना, रावटी, पिपलोदा और ताल सहित जिलेभर के पटवारी शामिल हैं। पटवारी संघ का कहना है कि मांगों का समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब देखना होगा कि प्रशासन और पटवारी संघ के बीच गतिरोध कब समाप्त होता है और जिले में राजस्व कार्य सामान्य स्थिति में कब लौटते हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत