रतलाम / सरवन। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ग्राम पंचायत सरवन में सामाजिक समरसता और भाईचारे की ऐसी अनूठी मिसाल देखने को मिली, जिसने सभी का दिल जीत लिया। गांव को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले वाल्मीकि समाज के स्वच्छता कर्मी भाइयों-बहनों के सम्मान में ग्राम पंचायत द्वारा विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में सरवन सरपंच श्रीमती शम्भुडी बाई भाभर ने स्वच्छता कर्मी भाइयों और बहनों को अपने हाथों से रक्षासूत्र (राखी) बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया। इस दौरान पूरे कार्यक्रम में आत्मीयता, सम्मान और भाईचारे का भाव देखने को मिला। सरपंच ने कहा कि स्वच्छता कर्मी केवल गांव की सफाई नहीं करते, बल्कि पूरे समाज के स्वास्थ्य और सम्मान की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके श्रम और समर्पण को सम्मान देना हम सभी का दायित्व है।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत की ओर से स्वच्छता कर्मियों को वस्त्र, शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही उनके सुखी, स्वस्थ, खुशहाल एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की गई।
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष भेरूसिंह निनामा, ग्राम पंचायत सचिव ईश्वरलाल मालवीय, सहायक सचिव गौतम मईडा, पंच भूरी गुर्जर एवं स्वच्छता कर्मी बंटी झांझोट सहित वाल्मीकि समाज के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
सम्मान से बढ़ा हौसला, सामाजिक एकता का दिया संदेश
रक्षाबंधन के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि समाज की वास्तविक मजबूती आपसी सम्मान, भाईचारे और सामाजिक समरसता से ही संभव है। ग्राम पंचायत सरवन की इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता कर्मियों को सम्मान देकर पंचायत ने उनके योगदान को न केवल पहचान दी है, बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ाया है।
रक्षाबंधन के पर्व पर राखी के इस पवित्र धागे ने सरवन में सामाजिक समरसता, सम्मान और भाईचारे का मजबूत संदेश दिया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत