रतलाम /सैलाना । सैलाना प्रवास पर पहुंचे रतलाम कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया ने शुक्रवार को नगर में पैदल भ्रमण कर विभिन्न शासकीय कार्यालयों, भवनों और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के इस पैदल भ्रमण से प्रशासनिक अमले में सक्रियता दिखाई दी। उन्होंने नगर परिषद, तहसील कार्यालय, पुलिस थाना क्षेत्र सहित स्वास्थ्य केंद्र एवं पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) पहुंचकर व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
लेकिन निरीक्षण के दौरान एनआरसी में आठ माह की नन्ही बच्ची जया के साथ कलेक्टर का आत्मीय व्यवहार वहां मौजूद लोगों के लिए सबसे भावुक क्षण बन गया।
नन्ही जया को गोद में उठाकर 15-20 मिनट तक किया दुलार
एनआरसी में भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति की जानकारी लेते समय कलेक्टर श्री कटेसरिया की नजर आठ माह की अति कुपोषित बच्ची जया पर पड़ी। बच्ची की स्थिति देखकर कलेक्टर ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उसे अपनी गोद में उठा लिया।
कलेक्टर ने करीब 15 से 20 मिनट तक जया को अपनी गोद में लेकर दुलार किया और उसके साथ आत्मीयता से समय बिताया। उन्होंने बच्ची के स्वास्थ्य की जानकारी उसके परिजनों और चिकित्सकीय स्टाफ से ली।
कुछ समय बाद जब कलेक्टर ने जया को उसके परिजन को सौंपा तो बच्ची उनकी गोद से जाने के बाद रोने लगी। यह देखकर कलेक्टर ने उसे फिर स्नेहपूर्वक शांत कराया। एनआरसी में मौजूद लोगों के लिए यह पूरा दृश्य बेहद भावुक रहा।
रिपोर्ट से लेकर उपचार तक खंगाली पूरी जानकारी
कलेक्टर ने जया के स्वास्थ्य को गंभीरता से लेते हुए उसकी उपचार संबंधी पूरी रिपोर्ट का अवलोकन किया। उन्होंने बच्ची के एनआरसी में भर्ती होने से लेकर अब तक की स्वास्थ्य जांच, उपचार, पोषण आहार और स्वास्थ्य में हुए सुधार की जानकारी चिकित्सकों से ली।
उन्होंने बच्ची की रिपोर्ट एवं संबंधित अभिलेखों का बारीकी से परीक्षण करते हुए चिकित्सकों से उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जया के उपचार और पोषण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए तथा उसकी स्थिति में लगातार सुधार के लिए आवश्यक चिकित्सा एवं पोषण सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
अन्य बच्चों की रिपोर्ट भी देखी, पोषण और वजन पर विशेष नजर रखने के निर्देश
कलेक्टर श्री कटेसरिया ने एनआरसी में भर्ती अन्य बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी रिकॉर्ड भी देखे। उन्होंने बच्चों के उपचार, पोषण आहार, वजन में वृद्धि और स्वास्थ्य सुधार की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एनआरसी में भर्ती प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष निगरानी रखी जाए। बच्चों को निर्धारित मापदंड के अनुसार पौष्टिक आहार मिले, उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच हो और डिस्चार्ज के बाद भी आवश्यक फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ अभियान केवल आंकड़ों और रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक बच्चे के स्वस्थ भविष्य को केंद्र में रखकर पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया जाना चाहिए।
अस्पताल भवन और व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा
एनआरसी निरीक्षण के साथ कलेक्टर ने अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल भवन, उपलब्ध सुविधाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से आवश्यक चर्चा की।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं चिकित्सकीय स्टाफ से मरीजों को मिल रही सुविधाओं, दवाइयों, उपचार व्यवस्था और एनआरसी की कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पैदल भ्रमण कर शासकीय भवनों की स्थिति देखी
सैलाना प्रवास के दौरान कलेक्टर ने केवल स्वास्थ्य केंद्र तक सीमित निरीक्षण नहीं किया, बल्कि नगर में पैदल भ्रमण करते हुए विभिन्न शासकीय व्यवस्थाओं को करीब से देखा। उन्होंने नगर परिषद, तहसील कार्यालय, पुलिस थाना क्षेत्र तथा पुराने एवं निर्माणाधीन शासकीय भवनों की स्थिति का जायजा लिया।
कलेक्टर के इस औचक पैदल भ्रमण से स्थानीय प्रशासनिक अमले में हलचल बनी रही। अधिकारियों को भी मौके पर व्यवस्थाओं की जानकारी देने के लिए तत्पर रहना पड़ा।
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार मनीष जैन सहित अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉक्टर जितेंद्र रायकवार, बीपीएम धनसिंह रावत एवं डॉक्टर मनोहर गोदारा सहित चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्य अमला उपस्थित रहा। वरिष्ठ पत्रकार संतोष धभाई भी मौजूद रहे !
एक तरफ प्रशासनिक सख्ती, दूसरी तरफ नन्ही जया के लिए ममता जैसा स्नेह
कलेक्टर श्री अजय कटेसरिया के सैलाना दौरे की खास तस्वीर एनआरसी से सामने आई, जहां एक प्रशासनिक अधिकारी की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने अति कुपोषित आठ माह की जया को अपनी गोद में उठाकर जिस आत्मीयता से दुलार किया, उसने पूरे निरीक्षण को मानवीय संवेदना से जोड़ दिया।
रिपोर्टों की जांच, अधिकारियों को निर्देश और व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण अपनी जगह था, लेकिन नन्ही जया को गोद में लेकर उसे शांत कराने का दृश्य यह संदेश दे गया कि प्रशासन की प्राथमिकता सिर्फ व्यवस्थाओं की निगरानी नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद बच्चे का स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य भी है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत