रतलाम। भादवि छठ के पावन अवसर पर शुक्रवार को रतलाम शहर में भगवान श्री देवनारायण के जयकारों से धार्मिक वातावरण भक्तिमय हो गया। गुर्जर समाज के आराध्य देव भगवान श्री देवनारायण जी के प्रिय घोड़े लीलाधर के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में श्री गुर्जर समाज युवा इकाई द्वारा भव्य देवरा देव धर्मराज ध्वज यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में समाजजन और देव भक्त शामिल हुए।
ध्वज यात्रा का शुभारंभ धाभाई जी का वास स्थित श्री देवनारायण मंदिर से हुआ। यहां से श्रद्धालु हाथों में पचरंगी ध्वज थामे और भगवान देवनारायण के जयकारे लगाते हुए पैदल यात्रा पर रवाना हुए। ढोल-धमाकों और भक्तिमय जयघोष के बीच निकली यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर ग्राम सालाखेड़ी स्थित श्री देवनारायण मंदिर पहुंची।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। पुरुषों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने भी सहभागिता की। हाथों में लहराते पचरंगी ध्वज और लगातार गूंजते देवनारायण भगवान के जयकारों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। रास्ते में भी लोगों ने श्रद्धा के साथ यात्रा का स्वागत किया।
ध्वज यात्रा में भगवान श्री देवनारायण जी की आकर्षक एवं सुसज्जित झांकी भी शामिल रही। धार्मिक स्वरूप में सजाई गई झांकी यात्रा का प्रमुख आकर्षण बनी रही। श्रद्धालु झांकी के दर्शन करते हुए आगे बढ़ते रहे। ढोल की थाप और जयकारों के बीच शहर की सड़कों पर निकली यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का संदेश भी दिया।
ग्राम सालाखेड़ी स्थित श्री देवनारायण मंदिर पहुंचने के बाद विधि-विधान और श्रद्धा के साथ धर्मराज ध्वज चढ़ाया गया। धार्मिक अनुष्ठान के बाद यात्रा का समापन हुआ। इस अवसर पर समाजजनों ने भगवान श्री देवनारायण से सुख-समृद्धि और समाज की खुशहाली की कामना की।
श्री गुर्जर समाज युवा इकाई की ओर से यात्रा को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। आयोजन में समाज के लोगों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। भादवि छठ के अवसर पर आयोजित इस ध्वज यात्रा ने भगवान श्री देवनारायण के प्रति समाज की गहरी आस्था, धार्मिक परंपरा और सामाजिक एकता को उजागर किया।