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भोपाल सहित प्रदेश के बाजारों में दालों के लगातार बढ़ते भाव ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। तुवर दाल के दाम एक सप्ताह में लगभग ₹10 प्रति किलो और सितंबर की शुरुआत से करीब ₹19 प्रति किलो बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। चना, मूंग, उड़द और मसूर दाल के बढ़ते भाव ने भी मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की रसोई पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। त्योहारों का समय हर परिवार के लिए खुशियां लेकर आना चाहिए, लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण आज गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने घर का राशन जुटाने को लेकर चिंतित हैं। जिस दाल और अनाज से परिवार का भोजन पूरा होता है, उसकी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी आम आदमी की मजबूरी नहीं बननी चाहिए। सरकार को दालों की उपलब्धता, जमाखोरी की संभावनाओं, आपूर्ति व्यवस्था और बाजार भाव की तत्काल समीक्षा करनी चाहिए। आवश्यक खाद्य वस्तुओं के लिए पर्याप्त बफर स्टॉक बाजार में उपलब्ध कराया जाए, ताकि त्योहारों से पहले कृत्रिम महंगाई और अनावश्यक मूल्यवृद्धि पर नियंत्रण हो सके। जावद विधानसभा क्षेत्र के आम परिवार भी महंगाई की इस चुनौती से अछूते नहीं हैं। किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और नौकरीपेशा परिवारों की मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा आज घर के राशन पर खर्च हो रहा है। सरकार की जिम्मेदारी है कि जनता को राहत देने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए, केवल आश्वासन नहीं। जनता को सस्ती और उचित दरों पर आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। त्योहारों की खुशियां महंगाई की मार से फीकी न पड़ें, इसके लिए सरकार तत्काल हस्तक्षेप करे। जनता की रसोई सुरक्षित होगी, तभी परिवारों के चेहरों पर सच्ची खुशी आएगी। एड. प्रकाश रांका पूर्व जिला उपाध्यक्ष, कांग्रेस पार्टी नीमच – जावद विधानसभा क्षेत्र 230 |