रतलाम। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार तड़के एक ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक परिवार की जिंदगी कुछ पलों के लिए मौत के मुहाने पर पहुंच गई। मुंबई से लखनऊ जा रहा एक परिवार उस समय हादसे का शिकार हो गया, जब उनकी मर्सिडीज कार अनियंत्रित होकर पुल से करीब 25 फीट गहरी खाई में जा गिरी। कार में पति-पत्नी और दो बच्चे सवार थे। हादसे के बाद चारों कार में फंस गए। रात के सन्नाटे और सुनसान हाईवे पर मदद की उम्मीद कम नजर आ रही थी, लेकिन रतलाम पुलिस की तत्परता ने चारों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार, सोमवार 2 नवंबर 2026 की सुबह करीब 3:30 से 4 बजे के बीच डीडी नगर थाना क्षेत्र के पलसोड़ी के पास धामनोद टोल से लगभग 2-3 किलोमीटर आगे यह दुर्घटना हुई। मुंबई निवासी परिवार मर्सिडीज कार से लखनऊ की ओर जा रहा था। इसी दौरान चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते कार अनियंत्रित होकर पुल से नीचे गहरी खाई में जा गिरी।
कार में दीपरंजन पांडे (42), उनकी पत्नी रंजना पांडे (38), बेटी आयशा (12) और बेटा आवेश (9) सवार थे। हादसे में रंजना पांडे और बेटे आवेश को चोटें आई हैं, जबकि दीपरंजन और बेटी आयशा की स्थिति अपेक्षाकृत ठीक बताई गई है। दुर्घटना के बाद चारों खाई में क्षतिग्रस्त कार के भीतर फंस गए थे।
सूचना मिलते ही खाई में उतरी पुलिस, एक-एक कर चारों को निकाला
हादसे की सूचना डायल 112 पर मिलते ही चीता-3 टीम तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी। करीब 25 फीट नीचे खाई में गिरी कार तक पहुंचना और उसमें फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना आसान नहीं था। इसके बावजूद पुलिस जवानों ने जोखिम की परवाह किए बिना खाई में उतरकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। जवानों ने काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे चारों लोगों को एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकाला और सड़क तक पहुंचाया।
इसके बाद सभी घायलों को तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। तड़के अंधेरे में पुलिस जवानों की यह तत्परता परिवार के लिए किसी फरिश्ते से कम साबित नहीं हुई।
तीन पुलिसकर्मियों की बहादुरी की हो रही सराहना
इस साहसिक रेस्क्यू अभियान में थाना दीनदयाल नगर के आरक्षक सुनील डावर, आरक्षक आर्यन सूर्यवंशी और एफआरवी पायलट नईम खान की विशेष भूमिका रही। तीनों ने बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंचकर अपनी सूझबूझ, साहस और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। 25 फीट गहरी खाई में उतरकर चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना उनकी कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और जवानों का साहस किसी की जिंदगी बचाने में कितना महत्वपूर्ण होता है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत