रतलाम
समाज के उन अनुभवी रक्षकों के प्रति रतलाम पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता साबित की है। पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार के कुशल निर्देशन में आज नवीन पुलिस कंट्रोल रूम, रतलाम में आयोजित वरिष्ठ नागरिक शिकायत निवारण शिविर में बड़ी संख्या में बुजुर्गों ने अपनी समस्याएं रखीं।
शिविर में कुल 17 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 6 गंभीर मारपीट संबंधी मामलों पर मौके पर ही जीरो एफआईआर दर्ज कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यह पहल न केवल वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत का संदेश है, बल्कि पूरे समाज में सुरक्षा और सम्मान की भावना को मजबूत करने वाली मिसाल भी साबित हो रही है।
पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार ने स्वयं शिविर में उपस्थित रहकर बुजुर्गों से सीधा संवाद किया। उन्होंने हर शिकायत को गंभीरता से सुना और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के सख्त निर्देश दिए।
पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी झगड़े, देखभाल की कमी और अन्य मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए। विशेष रूप से 6 मारपीट की शिकायतों पर पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और जीरो एफआईआर दर्ज कर उन्हें थाना पिपलौदा, थाना जावरा, थाना डीडी नगर, थाना ताल एवं थाना आलोट को असल कायमी के लिए भेज दिया गया।
शिविर में 4 प्रकरणों का तो मौके पर ही समाधान कर लिया गया, जबकि शेष शिकायतों पर जांच की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। इस दौरान एक दिल को छू लेने वाला मामला भी सामने आया, जिसमें एक वृद्ध नागरिक शिविर में आने में असमर्थ थे।
प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी श्री वैभव प्रिय ने तुरंत उनके घर पहुंचकर समस्या सुनी, परिवारजनों से चर्चा की और मौके पर ही निराकरण कर दिया। यह घटना रतलाम पुलिस की सेवा भावना को और उजागर करती है।
एसपी श्री अमित कुमार ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की रीढ़ हैं। उनकी सुरक्षा और सम्मान हमारी प्राथमिकता है। इस विशेष अभियान के माध्यम से हम बुजुर्गों को एक सुलभ, संवेदनशील और त्वरित मंच प्रदान कर रहे हैं, जहां वे बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं पुलिस के समक्ष रख सकें। “हमारा प्रयास है कि कोई भी वृद्धजन अपने परिवार या समाज से उपेक्षित महसूस न करे। पुलिस उनके विश्वासपात्र साथी बने, यही हमारा लक्ष्य है।”
यह शिविर रतलाम पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के हित में चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा है। पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशीलता के साथ हर शिकायत का परीक्षण किया और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की। इस पहल से न केवल प्रभावित बुजुर्गों को तुरंत राहत मिली, बल्कि पूरे जिले में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सुरक्षा की एक मजबूत दीवार खड़ी होने का संदेश भी गया है।
शिविर में रक्षित निरीक्षक श्री मोहन भर्रावत, निरीक्षक श्री शंकर सिंह चौहान, निरीक्षक श्रीमती पार्वती गौड़, उप निरीक्षक श्री वी.डी. जोशी सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे और व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया।
रतलाम पुलिस की यह पहल वाकई सराहनीय है। आज के तेज भागती जिंदगी में जहां परिवार अक्सर बुजुर्गों की उपेक्षा कर देते हैं, वहां पुलिस द्वारा ऐसे शिविर आयोजित करना एक सकारात्मक कदम है। इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और वरिष्ठ नागरिकों को लगा कि वे अकेले नहीं हैं — उनके पास पुलिस का पूरा सहयोग और संरक्षण है।
यह अभियान न केवल शिकायत निवारण तक सीमित है, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, सुरक्षा और संवेदना की भावना को मजबूत करने का एक बड़ा प्रयास है। रतलाम पुलिस के इस दृष्टिकोण से अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा मिलनी चाहिए। बुजुर्गों की समस्याओं पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से पुलिस की छवि और मजबूत हुई है।
रतलाम पुलिस का यह संदेश साफ है — वरिष्ठ नागरिकों की हर पुकार सुन ली जाएगी, हर समस्या का समाधान किया जाएगा। समाज के इन अनमोल रत्नों को सुरक्षा और सम्मान प्रदान करना हम सबकी जिम्मेदारी है, और रतलाम पुलिस इसे निभाने में पूरी तत्परता दिखा रही है।
Crime reporter Jitendra Kumawat