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नीमच। 1857 की प्रथम स्वतंत्रता क्रांति की गौरवशाली विरासत को याद करते हुए बुधवार को नीमच गौरव दिवस का शुभारंभ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ हुआ। नगर पालिका परिषद नीमच द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को नमन करते हुए शहीद पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए गए तथा पौधारोपण और स्वच्छता अभियान चलाकर राष्ट्रसेवा व पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति गौरव चोपड़ा एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सज्जन सिंह चौहान ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर किया। इसके बाद उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने उस ऐतिहासिक बरगद के वृक्ष पर पुष्पांजलि अर्पित की, जहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी गई थी। गौरव दिवस के अवसर पर शहीद पार्क परिसर में पौधारोपण कर हरियाली का संदेश दिया गया, वहीं हाथों में झाड़ू लेकर परिसर की सफाई कर स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मध्यप्रदेश में अंग्रेजों के खिलाफ पहली गोली 3 जून को नीमच से चली थी। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में प्रतिवर्ष 3 जून को "नीमच गौरव दिवस" मनाया जाता है। इस अवसर पर शहर के शहीद स्मारकों, महापुरुषों की प्रतिमाओं एवं प्रमुख चौराहों को आकर्षक सजावट से सजाया गया। कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर एवं एसडीएम श्री पराग जैन, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती दुर्गा बामनिया, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री संतोष चोपड़ा, समाजसेवी श्री वासुदेव गर्ग, इतिहासकार श्री सुरेंद्र सिंह शक्तावत, अखिल भारतीय भूतपूर्व सैनिक सेवा परिषद के पदाधिकारी, नगर पालिका पार्षद, एल्डरमैन तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। "नीमच से चली थी आजादी की पहली चिंगारी" 3 जून 1857 का दिन नीमच के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन नीमच छावनी से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह की पहली गोली चली थी, जिसने स्वतंत्रता संग्राम की क्रांति को नई दिशा दी। इसी ऐतिहासिक गौरव को सहेजने के लिए प्रतिवर्ष नीमच गौरव दिवस मनाया जाता है। |