रतलाम। हिन्दू वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के 486वें जन्मोत्सव एवं वीर छत्रसाल बुंदेला जयंती महोत्सव के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय समारोह में शौर्य संस्कृति राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। श्री महाराणा प्रताप जन्मोत्सव समिति एवं समाजजनों के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे महोत्सव के दूसरे दिन समाजसेवियों का सम्मान प्रतियोगिताओं के विजेताओं का पुरस्करण तथा बुधवार को आयोजित होने वाली भव्य शौर्य यात्रा की तैयारियों के बीच उत्साह चरम पर पहुंच गया।
मंगलवार प्रातः सैलाना बस स्टैंड चौराहे स्थित श्री महाराणा प्रताप चौक पर पंडित आचार्य आशीष सावरा एवं पंडित गोपाल सावरा के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाराणा प्रताप की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक एवं पंचामृत से अभिषेक किया गया। इस दौरान श्री एकलिंगनाथ महादेव की भगवा ध्वजा भी स्थापित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
हाथीखाना स्थित राजपूत धर्मशाला भवन के श्री महाराणा प्रताप सभागृह में आयोजित समारोह में वरिष्ठ समाजसेवी नारायण सिंह चिकलाना ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग स्वाभिमान और राष्ट्ररक्षा का प्रतीक है। आज का समय शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने का है। वहीं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भैरूसिंह चौहान ने समाज की गौरवशाली विरासत को सुरक्षित रखने और नई पीढ़ी को श्रेष्ठ संस्कार देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर समाजसेवा एवं जनहित के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ समाजसेवी ठाकुर देवीसिंह राठौर को न्यास के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय ठाकुर कन्हैयालाल गोयल की स्मृति में प्रतिष्ठित ‘राजपूत रत्न’ सम्मान से अलंकृत किया गया। इसके अलावा ठाकुर कमलसिंह राठौर एवं श्रीमती किरण गोयल को भी सम्मानित किया गया। तलवारबाजी साफा धारण एवं अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए।
आज निकलेगी भव्य शौर्य यात्रा
समिति सदस्य नरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि बुधवार 17 जून को शाम 4 बजे महलवाड़ा परिसर स्थित राजराजेश्वरी पद्मावती माता मंदिर एवं जागनाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना माता को चुनरी अर्पण एवं महाआरती के पश्चात रतलाम संस्थापक महाराजा रतनसिंह जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। इसके बाद राजमहल परिसर से जय महाराणा जय भवानी जय शिवाजी के जयघोषों के साथ भव्य शौर्य यात्रा प्रारंभ होगी।
यात्रा राजमहल पैलेस रोड से प्रारंभ होकर डालूमोदी बाजार माणक चौक घास बाजार चौमुखी पुल गणेश देवरी धानमंडी एवं शहीद चौक से होते हुए श्री महाराणा प्रताप चौक पर संपन्न होगी।
ये होंगे मुख्य आकर्षण
शौर्य यात्रा में प्रचार रथ राष्ट्रीय तिरंगा एवं भगवा ध्वज के साथ बुलेट सवार युवा घुड़सवार दल बैंड ढोल-नगाड़े दुर्गा वाहिनी पारंपरिक वेशभूषा में क्षत्रिय-क्षत्राणियां तथा चार भव्य रथ आकर्षण का केंद्र रहेंगे। प्रथम रथ में महाराणा प्रताप दूसरे में महाराजा रतनसिंह तीसरे में छत्रपति शिवाजी महाराज तथा चौथे रथ में महाराजा छत्रसाल बुंदेला के चित्र सुशोभित रहेंगे। करीब 300 से अधिक बालिकाएं केसरिया साफा धारण कर यात्रा में शामिल होंगी जबकि 250 से अधिक समिति सदस्य यातायात एवं व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे।
महोत्सव एवं विभिन्न आयोजनों में राजेंद्र सिंह गोयल विजय सिंह चौहान जीवन सिंह तंवर गजराज सिंह पवार शैलेंद्र सिंह देवड़ा सुरेश सिंह सिसोदिया नरेंद्र सिंह सोलंकी दिलीप सिंह सोनगरा वीरेंद्र प्रतापसिंह खंगारोत्र गोविंद सिंह चौहान नरेंद्र सिंह सिसौदिया सत्यनारायण सिंह सोलंकी मयंक सिंह राठौर हर्ष सिंह पंवार हेमंत सिंह भाटी दीपक सिंह देवड़ा अमनसिंह चंद्रावत निखिलेश सिंह पंवार देवेंद्र सिंह जाधव डाडम सिंह राठौर सुरेंद्र सिंह वाघेला सुरेश सिंह चावड़ा रघुवीर सिंह सांखला राजेंद्र सिंह पवार किरण तंवर जया गोयल मीनाक्षी राठौर नीतू राठौर अनीता सोलंकी वंदना भाटी उषा पवार सीमा देवड़ा मनीषा चौहान सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं मातृशक्ति की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
समिति ने नगरवासियों एवं समाजजनों से आह्वान किया है कि वे किसी विशेष निमंत्रण की प्रतीक्षा किए बिना अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस भव्य शौर्य यात्रा को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करें।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत