रतलाम
रतलाम शहर में आवासीय भूखंडों पर संचालित निजी अस्पतालों और नर्सिंग होमों का मामला अब और गर्मा गया है। नगर निगम के वार्ड क्रमांक-42 के पार्षद एवं भाजपा सचेतक हितेश कामरेड ने एक बार फिर नगर निगम आयुक्त को लिखित आवेदन सौंपते हुए पहले की गई शिकायत पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने निगम प्रशासन से स्पष्ट जानकारी मांगी है कि काटजू नगर और शास्त्रीनगर क्षेत्र में आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले निजी अस्पतालों के विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
उल्लेखनीय है कि पार्षद हितेश कामरेड ने 2 जून और 4 जून 2026 को भी नगर सुधार न्यास की योजना क्रमांक-44 काटजू नगर एवं योजना क्रमांक-20 शास्त्रीनगर में आवासीय उपयोग के लिए आवंटित भूखंडों पर संचालित शाह नर्सिंग होम, मेहरा नर्सिंग होम, माहेश्वरी हॉस्पिटल तथा रतलाम हॉस्पिटल सहित अन्य निजी संस्थानों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया था कि जिन भूखंडों और फ्लैटों का आवंटन मध्यम वर्गीय परिवारों को आवासीय उद्देश्य से रियायती दरों पर किया गया था, उनका वर्षों से नियमों के विपरीत व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है।
10 जुलाई को दिए गए ताजा आवेदन में पार्षद ने कहा है कि पूर्व में शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक किसी भी संस्थान के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देती। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित संस्थानों द्वारा आवासीय भवनों के साथ-साथ अधिशेष भूमि का उपयोग पार्किंग एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, जो लीज की शर्तों और भवन अनुज्ञा के विपरीत बताया गया है।
पार्षद ने आरोप लगाया कि यदि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती है तो इससे यह संदेश जाता है कि निगम के कुछ अधिकारी और कर्मचारी संबंधित निजी संस्थानों को संरक्षण देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने निगम आयुक्त से मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि अब तक किन-किन मामलों की जांच हुई, किस स्तर पर कार्रवाई की गई और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उसके पीछे क्या कारण हैं।
आवेदन में यह भी मांग की गई है कि जिन भूखंडों का आवंटन आवासीय प्रयोजन के लिए किया गया था, वहां हुए नामांतरण, लीज की शर्तों, भवन उपयोग परिवर्तन, पार्किंग व्यवस्था और अन्य वैधानिक अनुमतियों की बिंदुवार जांच कराई जाए। यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संस्थानों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
पार्षद हितेश कामरेड ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन इस मामले में शीघ्र निर्णय लेकर कार्रवाई नहीं करता है तो वे इस पूरे प्रकरण को उच्च स्तर तक ले जाएंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी।
लगातार तीसरी बार इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद रतलाम शहर में आवासीय भूखंडों पर संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होमों, भूमि आवंटन की शर्तों और नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब शहरवासियों की निगाहें नगर निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के हैं और इनकी पुष्टि संबंधित जांच एवं सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई के बाद ही होगी।
रिपोर्टर :जितेन्द्र कुमावत