रतलाम
रतलाम शहर में मंगलवार को छात्र हितों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ा राजनीतिक और छात्र आंदोलन देखने को मिला। एनएसयूआई (NSUI) और राष्ट्रीय शिक्षित युवा संघ (NEYU) सहित विभिन्न छात्र एवं युवा संगठनों ने अपनी 21 सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल पैदल मार्च निकालते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों का लक्ष्य प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप के निवास और कार्यालय का घेराव करना था लेकिन प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर प्रदर्शनकारियों को बीच रास्ते में रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शन स्थल पर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
आंदोलन की शुरुआत शहर के दो बत्ती चौराहे से हुई जहां बड़ी संख्या में छात्र और युवा हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, युवाओं को रोजगार, छात्रवृत्ति में पारदर्शिता, महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं, परीक्षा व्यवस्था में सुधार तथा छात्र हितों से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
छात्र विरोधी नीतियां वापस लो और युवाओं को रोजगार दो जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने मंत्री चेतन्य काश्यप के कार्यालय और निवास की ओर पैदल मार्च शुरू किया। मार्च जैसे ही आगे बढ़ा पुलिस ने रास्ते में भारी बैरिकेडिंग कर दी और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। कुछ देर तक स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी रही।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछारों के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार छात्र और युवा वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है जबकि प्रशासन का कहना था कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लेकर जेल वाहन में बैठाया। इससे मौके पर कुछ समय के लिए और अधिक तनाव की स्थिति बन गई। बाद में सभी हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया गया। इसके पश्चात एनएसयूआई और अन्य संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को राज्यपाल के नाम संबोधित 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
पूरे प्रदर्शन के दौरान शहर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। मौके पर सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, ग्रामीण एसडीओपी किशोर पाटनवाला, अजय सारवान, रतलाम शहर के सभी थाना प्रभारी, तहसीलदार कुलभूषण शर्मा सहित बड़ी संख्या में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी गई।
आंदोलन के कारण दो बत्ती क्षेत्र और आसपास के मार्गों पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। कई राहगीरों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।
छात्र संगठनों के इस उग्र प्रदर्शन ने एक बार फिर प्रदेश में शिक्षा, रोजगार और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार आंदोलनकारियों की 21 सूत्रीय मांगों पर क्या निर्णय लेती है
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत