रतलाम / सैलाना। इंद्रागांधी बस स्टैंड स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स के बाहर दुकान क्रमांक 44 से 58 तक की 15 दुकानों को लेकर नगर परिषद सैलाना और दुकानदारों के बीच चल रहा विवाद अब न्यायालय की चौखट तक पहुंच गया है। जीर्ण-शीर्ण एवं खतरनाक बताई जा रही इन दुकानों को ध्वस्त करने की नगर परिषद की तैयारी के बीच प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड, सैलाना के न्यायालय ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए फिलहाल दुकानों के संबंध में किसी भी प्रकार की प्रतिकूल कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि आदेश 39 नियम 1 व 2 सहपठित धारा 151 सीपीसी के आवेदन के निराकरण तक संबंधित दुकानों की स्थिति यथावत रखी जाए।
मामला उस समय और गरमा गया जब 18 अगस्त को नगर परिषद की ओर से संबंधित दुकानदारों को पुनः नोटिस जारी किया गया। नोटिस में दुकान क्रमांक 44 से 58 तक कुल 15 दुकानों को जीर्ण-शीर्ण अवस्था में बताते हुए उनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई। इसके साथ ही दुकानदारों को तत्काल दुकानें खाली करने के निर्देश दिए गए। नगर परिषद की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से भी घोषणा कराई गई कि दुकानों को खाली किया जाए तथा अगले दिन प्रातः ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रारंभ होगी।
इसी बीच दुकानदार पक्ष न्यायालय पहुंचा। न्यायालय के समक्ष वादी पक्ष की ओर से आवेदन, शपथ पत्र, नोटिस तथा लाउडस्पीकर से सूचना प्रसारित किए जाने से संबंधित फोटो प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने आदेश में इस बात पर गंभीर टिप्पणी की कि जब दोनों पक्षों की ओर से अस्थायी निषेधाज्ञा के आवेदन पर बहस पूरी हो चुकी थी और प्रकरण 22 अगस्त को आदेश हेतु नियत था, तो उससे पहले नगर परिषद द्वारा दोबारा ध्वस्तीकरण का अंतिम अवसर देते हुए नोटिस जारी करने की इतनी जल्दबाजी क्यों की गई।
न्यायालय ने कहा कि नोटिस में इस बात का कोई कारण उल्लेखित नहीं है कि न्यायालय में लंबित आवेदन पर आदेश आने से पहले ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की आवश्यकता क्यों उत्पन्न हुई। न्यायालय के अनुसार, जब किसी दुकान के संबंध में वाद न्यायालय में लंबित हो और आवश्यक प्रकृति के आवेदन पर सुनवाई हो चुकी हो, तब उस आवेदन के निराकरण तक प्रतिकूल कार्रवाई से बचना चाहिए।
न्यायालय ने प्रस्तुत आवेदन को अभिलेख पर लेते हुए स्वीकार किया और नगर परिषद सहित प्रतिवादी पक्ष को निर्देशित किया कि आदेश 39 नियम 1 व 2 सहपठित धारा 151 सीपीसी के निराकरण तक वादग्रस्त दुकानों के संबंध में कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाए। साथ ही दोनों पक्षों को 18 अगस्त 2026 की शाम 6:30 बजे की स्थिति को यथावत रखते हुए दुकान क्रमांक 44 से 58 तक के संबंध में स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रकरण को अन्य आवेदन सहित आदेश 39 नियम 1 व 2 सहपठित धारा 151 सीपीसी पर आदेश हेतु 22 अगस्त 2026 को पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। न्यायालय का यह आदेश सैलाना में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि एक ओर नगर परिषद इन दुकानों को जर्जर एवं खतरनाक बताते हुए ध्वस्तीकरण की तैयारी कर रही थी, वहीं दूसरी ओर दुकानदार पक्ष ने न्यायालयीन प्रक्रिया के बीच कार्रवाई पर आपत्ति जताई है।
अब सभी की निगाहें 22 अगस्त को होने वाली अगली न्यायालयीन सुनवाई पर टिकी हैं। इस दिन न्यायालय द्वारा अस्थायी निषेधाज्ञा संबंधी आवेदन पर आगे आदेश पारित किया जाना है। फिलहाल न्यायालय के निर्देश के बाद दुकान क्रमांक 44 से 58 तक की स्थिति यथावत रखने का आदेश प्रभावी है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत