रतलाम। दो बत्ती चौपाटी स्थित हॉकर्स जोन से पिछले 15 से 20 वर्षों से व्यवसाय कर अपनी आजीविका चलाने वाले गरीब ठेला एवं पथ विक्रेताओं को हटाने की नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ठेला व्यवसायी, पथ विक्रेता और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान नगर निगम प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने नगर विधायक मुर्दाबाद और हिटलर महापौर मुर्दाबाद जैसे नारे लगाकर अपना आक्रोश जताया।
कांग्रेस के नगर निगम नेता प्रतिपक्ष एवं वार्ड क्रमांक-48 के पार्षद शांतिलाल वर्मा ने आरोप लगाया कि दो बत्ती चौपाटी पर 50 से अधिक गरीब परिवार लंबे समय से खाद्य सामग्री सहित अन्य सामान बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में बिना किसी लिखित नोटिस, कारण बताओ सूचना और सुनवाई का अवसर दिए उन्हें हटाने की कार्रवाई करना अन्यायपूर्ण है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार 18 अगस्त को नगर निगम द्वारा अचानक छह जेसीबी मशीनों के माध्यम से चौपाटी क्षेत्र में किए गए सीमेंट कार्य को उखाड़ने की कार्रवाई शुरू की गई थी। विरोध के बाद कार्रवाई रोक दी गई, लेकिन कथित तौर पर ठेला व्यवसायियों को दो दिन बाद वहां से हटाने की बात कही गई। इसी के विरोध में कांग्रेस और पथ विक्रेताओं ने मोर्चा खोल दिया।
नेता प्रतिपक्ष शांतिलाल वर्मा ने नगर निगम आयुक्त को दिए ज्ञापन में कहा कि 15 से 20 वर्षों से व्यवसाय कर रहे पथ विक्रेताओं का सर्वे कर पात्रता निर्धारित करना और प्रमाण पत्र जारी करना नगर निगम की पथ विक्रय समिति की जिम्मेदारी है। यदि प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो प्रशासनिक कमी की सजा गरीब व्यवसायियों को देना उचित नहीं है।
उन्होंने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के रजनीश मिश्रा विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन, WP No. 11936/2018, आदेश दिनांक 24 नवंबर 2022 तथा ममता मिश्रा विरुद्ध नगर निगम इंदौर, WP No. 8119/2015, निर्णय दिनांक 22 जून 2016 का उल्लेख करते हुए कहा कि पथ विक्रेताओं को हटाने से पहले वैधानिक प्रक्रिया, नोटिस और सुनवाई के अवसर का पालन किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने दो बत्ती चौपाटी पर प्रस्तावित बगीचे और पेड पार्किंग योजना पर भी सवाल उठाए। वर्मा ने कहा कि हॉकर्स जोन के समीप महज करीब 10 मीटर की दूरी पर पहले से बड़ा गार्डन मौजूद है, ऐसे में उसी क्षेत्र में नया बगीचा बनाने की आवश्यकता पर पुनर्विचार होना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कन्या महाविद्यालय की छात्राओं के लिए बगीचा प्रस्तावित है तो महाविद्यालय परिसर में पहले से उपलब्ध बड़े बगीचे का उपयोग क्यों नहीं किया जा सकता।
प्रदर्शनकारियों ने रोटरी गार्डन की जमीन के एक हिस्से को खाली करवाकर पार्किंग की व्यवस्था करने का विकल्प भी सामने रखा। उनका कहना है कि शहर के विकास का विरोध नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर वर्षों से व्यवसाय कर रहे गरीब परिवारों की आजीविका समाप्त नहीं की जानी चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई कि दो बत्ती चौपाटी पर जेसीबी से तोड़फोड़ एवं हटाने की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए, सभी पथ विक्रेताओं का विधिवत सर्वे कराया जाए, पात्र लोगों के प्रमाण पत्र बनाए जाएं और प्रस्तावित बगीचा-पार्किंग योजना पर जनहित में पुनर्विचार किया जाए।
शांतिलाल वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि गरीब पथ विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं रोकी गई तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में व्यवसायियों की मौजूदगी से दो बत्ती क्षेत्र में माहौल गरमाया रहा और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश स्पष्ट दिखाई दिया।