उज्जैन / महिदपुर। ग्राम डोंगला स्थित अति प्राचीन श्री महादेव मंदिर की देवस्थान भूमि को राजस्व अभिलेखों में शासकीय मद में दर्ज किए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। इस कार्रवाई से पुजारी परिवार और समाजजनों में नाराजगी है।
मामले को लेकर राष्ट्रीय दशनामी दत्त सेना की जिला इकाई उज्जैन ने प्रशासन के समक्ष आवाज बुलंद करते हुए भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में सुधार की मांग उठाई है। संगठन के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं समाजजनों के साथ तहसील मुख्यालय पहुंचकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अजय हिंगे को ज्ञापन सौंपा।
संगठन का कहना है कि मंदिर की देवस्थान भूमि को शासकीय मद में दर्ज किए जाने से धार्मिक परंपरा, पुजारी परिवार की आजीविका और भूमि के पुराने राजस्व स्वरूप को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब प्रशासन से मांग की गई है कि मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और नियमानुसार रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार किया जाए।
चार पीढ़ियों से मंदिर की सेवा-पूजा, अब राजस्व रिकॉर्ड पर विवाद
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम डोंगला स्थित श्री महादेव मंदिर की देवस्थान भूमि में सर्वे क्रमांक 443 की 7.82 हेक्टेयर भूमि सहित कुल 12.90 हेक्टेयर भूमि शामिल है। संगठन के अनुसार, इस भूमि से जुड़ी सेवा-पूजा और मंदिर की देखरेख का दायित्व पुजारी परिवार पिछले चार पीढ़ियों से निभाता आ रहा है। वर्तमान में बालू पुरी पिता भूवान पुरी अपने परिवार के साथ मंदिर की देखरेख एवं पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
पुजारी परिवार का कहना है कि उनकी आजीविका भी इसी देवस्थान भूमि पर निर्भर है। ऐसे में राजस्व अभिलेखों में भूमि को शासकीय मद में दर्ज किए जाने से परिवार के सामने भविष्य और जीवन-यापन को लेकर चिंता खड़ी हो गई है। संगठन ने इसे राजस्व रिकॉर्ड में हुई त्रुटि बताते हुए पुराने स्वरूप की बहाली की मांग की है। हालांकि, भूमि के स्वामित्व, दर्ज मद और अभिलेखों में बदलाव के कारणों की आधिकारिक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासन से तत्काल जांच और रिकॉर्ड सुधार की मांग
दशनामी दत्त सेना ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि देवस्थान भूमि से संबंधित पुराने राजस्व अभिलेखों, उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कराई जाए। यदि रिकॉर्ड में त्रुटि पाई जाती है, तो नियमानुसार उसका तत्काल सुधार किया जाए, ताकि मंदिर की व्यवस्था और पुजारी परिवार के हितों को लेकर बनी असमंजस की स्थिति दूर हो सके।
संगठन ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल भूमि के रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिर की परंपरा और उससे जुड़े परिवार की आजीविका से भी जुड़ा हुआ है। अब निगाहें प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
संगठन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में समाजजन रहे मौजूद
ज्ञापन जिला अध्यक्ष महंत तेजू पुरी, डोंगला के नेतृत्व में सौंपा गया। संगठन के संरक्षक श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी आनंद गिरी महाराज (पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा) तथा संगठन प्रमुख ईश्वर गिरी गोस्वामी, नागावाड़ी हैं।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष दिनेश पुरी, उज्जैन संभाग अध्यक्ष प्रेम गिरी, जिला अध्यक्ष तेजू पुरी, तहसील अध्यक्ष बलराम पुरी, पूर्व महिदपुर कृषि मंडी अध्यक्ष कैलाशपुरी, गोकुल पुरी, तेज पुरी, प्रभु पुरी, पुजारी बालू पुरी, संजय पुरी, डॉ. देव पुरी, रमेश भारती सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
इस संबंध में जानकारी राष्ट्रीय दशनामी दत्त सेना के जनसेवक एवं मीडिया प्रभारी अंबाराम गोस्वामी ने दी।
रिपोर्ट - संजय ( महिदपुर )
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत