शिवगढ़/सैलाना, रतलाम। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, विकासखंड सैलाना के सेक्टर क्रमांक-05 शिवगढ़ के अंतर्गत प्रस्फुटन समितियों के सशक्तिकरण, क्षमता विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से शक्ति संचय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत शिवगढ़ भवन में किया गया।
नवांकुर संस्था एकलव्य युवा जन उत्थान समिति, शिवगढ़ द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ प्रस्फुटन समितियों को संगठित होकर समाजहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रथम सत्र में उपस्थित अतिथियों द्वारा मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवगढ़ सरपंच शांतिलाल ने की। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक रतनलाल चरपोटा के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीण विकास, शासकीय योजनाओं और सामाजिक संगठनों की भूमिका पर चर्चा की गई।
शासकीय योजनाओं की जानकारी देकर किया जागरूक
प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में इंजीनियर श्री रघुवंशी ने विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देते हुए उनके लाभ और उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने तथा पात्र हितग्राहियों को उनका लाभ दिलाने के महत्व पर प्रकाश डाला।
ग्राम पंचायत सचिव अविनाश लबाना ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्रामीणों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।
वहीं, नवांकुर संस्था के प्रतिनिधि सचिन कहार ने उच्च शिक्षा से वंचित रह जाने वाले विद्यार्थियों के लिए संचालित मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत बीएसडब्ल्यू (BSW) एवं एमएसडब्ल्यू (MSW) पाठ्यक्रमों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी सामाजिक नेतृत्व, जनसेवा और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने पात्र विद्यार्थियों से इन अवसरों का लाभ लेने का आह्वान किया।
संगठन के रूप में विकसित करने पर जोर
प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र में परामर्शदाता पवन पारगी ने प्रस्फुटन समितियों के स्वयंसेवी संगठनों के रूप में उन्नयन विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रस्फुटन समितियां केवल बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने सामाजिक उत्तरदायित्व, सामूहिक प्रयास, जनभागीदारी और संगठनात्मक क्षमता के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि समितियां संगठित होकर शिक्षा, स्वच्छता, जनजागरूकता और जनकल्याणकारी गतिविधियों में प्रभावी योगदान दे सकती हैं।
प्रशिक्षण के माध्यम से समितियों को अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने तथा समाजहित के कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
सामाजिक विकास में सक्रिय भागीदारी का संदेश
कार्यक्रम में प्रस्फुटन समितियों के अध्यक्ष एवं सचिव, नवांकुर सखियां तथा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम (CMCLDP) के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सत्रों में सहभागिता कर सामाजिक विकास, शासकीय योजनाओं और सामुदायिक नेतृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रस्फुटन समितियों को अधिक सक्रिय, संगठित और सक्षम बनाकर ग्रामीण विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शासन की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने और गांवों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और आमजन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत