चीताखेड़ा । स्थानीय बामनिया बंजारा समाज के परम् आराध्य देव श्री रुपसिंह जी महाराज की भव्य शोभायात्रा श्री रुप सेना संगठन के तत्वावधान में रविवार को निकाली गई। इस अवसर पर इंदिरा आवास कालोनी के नजदीक गंगा माताजी की पतवारियो के पास श्री रुपसिंह जी महाराज के बोर्ड का अतिथियों द्वारा अनावरण किया गया।
शोभायात्रा डीजे व ढोल-ढमाको के साथ गांव के विभिन्न मार्गों से निकली जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों में उत्साह और श्रद्धा का खासा माहौल देखने को मिला। शोभायात्रा में विशेष रथ में श्री रुपसिंह जी महाराज की भव्य आकर्षक तस्वीर विराजमान किए हुए थी। जगह-जगह फूल बरसा कर भव्य स्वागत किया गया। शोभायात्रा में शामिल युवाओं ने सफेद कुर्ता पायजामा और महिलाओं ने चुंदड धारण कर सिर पर साफा बांधे शोभायमान कर अनुशासन में नाचते झुमते हुए जय-जयकार करते चल रहे थे। भव्य शोभायात्रा इंदिरा आवास कालोनी के पास स्थित गंगा माताजी पतवारी स्थल से प्रातः 9 बजे डीजे व ढोल-ढमाको के साथ बड़े ही ठाट-बाट से प्रारंभ होकर भटवाड़ा, बजरंग मंदिर,शेख मौहल्ला,माणक चौक,नीम चौक,सदर बाजार, चैनपुरा चौराहा,बस स्टैंड से परिभ्रमण करते हुए पुनः इंदिरा आवास कालोनी गंगा माताजी पतवारी स्थल पर आयोजित पंडाल में पहुंचे। जहां आमंत्रित अतिथियों बंजारा समाज जिलाध्यक्ष विनोद सुरावत, पिछड़ा मोर्चा मंदसौर जिला प्रभारी मधुसूदन राजोरा, मंडी पूर्व डायरेक्टर नवलगीर गोस्वामी, मंडी पूर्व डायरेक्टर राजेंद्र सिंह तोमर, पूर्व मंडल अध्यक्ष एडवोकेट लक्ष्मण सिंह भाटी, पूर्व सरपंच शंभूलाल गौड़ के कर-कमलों द्वारा बंजारा समाज के परम् आराध्य देव, महान् समाज सुधारक और वीर शिरोमणि लोकदेवता श्री रुपसिंह जी महाराज के बोर्ड का विधि-विधान पूर्वक हवन-पूजन कर अनावरण किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मदनलाल गौड़, शांतिलाल चावड़ा, पूर्व सरपंच पारस गौड़, रमेश चावड़ा, दयाल गौड़,सुरेश गौड़, आजाद (सत्यु) गौड़, सत्यनारायण गौड़, शंकर लाल खिंचीं, दिनेश दायमा, अरविंद गौड़, सुरेश दायमा, संदीप गौड़ सहित अन्य वरिष्ठ समाजजनों ने मंच पर आमंत्रित अतिथियों को साफा बंधवाकर फूल पहनाकर स्वागत किया गया।
बंजारा समाज जिलाध्यक्ष विनोद सुरावत ने उपस्थित बड़ी संख्या में समाजजनों को मुख्य अतिथि के रूप में श्री रुपसिंह जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री रुपसिंह जी महाराज हमारे बामनिया बंजारा समाज के संस्थापक हैं और उनकी गौरवशाली कथा मुख्य रूप से उनके त्याग, धर्म की रक्षा, समाज में एकता स्थापित करने और विदेशी व आततायियों के खिलाफ उनके संघर्षों का इतिहास रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंडल अध्यक्ष एडवोकेट लक्ष्मण सिंह भाटी ने अपने विचार व्यक्त किए कहा कि श्री रुपसिंह जी महाराज का जन्म एक पराक्रमी राजपूत या बंजारा वंश के इतिहास से जुड़ा है।वे बचपन से ही पराक्रमी , स्वाभिमानी और धार्मिक प्रवृत्ति के थे। बड़े संकट और बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए उन्हें चारभुजा नाथ मंदिर के भव्य निर्माण कार्य भी किया गया। मंडी पूर्व डायरेक्टर राजेंद्र सिंह तोमर, मंडी पूर्व डायरेक्टर नवलगीर गोस्वामी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन शांतिलाल जैन ने किया। आयोजित कार्यक्रम के अंत में सामूहिक स्नेह भोज किया गया।