गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चौरीचौरा थाना परिसर में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवती ने अचानक अपने पर्स से फिनायल निकालकर पी लिया। घटना से थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। पुलिस ने बिना देर किए एंबुलेंस बुलाकर युवती को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय रहते इलाज मिलने से युवती की जान बच गई और फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, देवरिया जिले की रहने वाली युवती का चौरीचौरा क्षेत्र के मुंडेरा बाजार निवासी धनंजय निषाद से पिछले तीन वर्षों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। युवती ने आरोप लगाया था कि युवक ने शादी का झांसा देकर लगातार उसका शारीरिक शोषण किया। इस संबंध में उसने कुछ दिन पहले चौरीचौरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया और आरोपी धनंजय निषाद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इसी बीच शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे युवती अचानक चौरीचौरा थाने पहुंची और पुलिसकर्मियों से अपने प्रेमी से मिलने की जिद करने लगी। पुलिस ने उसे समझाया कि आरोपी अब जेल में है और उससे मिलने के लिए जेल प्रशासन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। यह बात सुनते ही युवती भावुक हो गई और गुस्से में अपने पर्स से फिनायल की बोतल निकालकर पी ली।
युवती के इस कदम से थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत एंबुलेंस बुलाई और उसे सीएचसी पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति को नियंत्रण में बताया। समय पर उपचार मिलने से बड़ा हादसा टल गया।
चौरीचौरा थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि युवती की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजा जा चुका है। शनिवार को युवती आरोपी से मिलने की जिद कर रही थी। जब उसे जेल में मुलाकात की कानूनी प्रक्रिया समझाई गई, तो उसने आवेश में आकर फिनायल पी लिया। फिलहाल युवती की हालत सामान्य है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
यह घटना प्रेम-प्रसंग, कानूनी कार्रवाई और भावनात्मक आवेश के खतरनाक परिणामों को सामने लाती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और चिकित्सकों की सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत