रतलाम/सैलाना। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और अनियमित विद्युत आपूर्ति से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार फूट पड़ा। सैलाना क्षेत्र के ग्राम कोटड़ा में बिजली समस्या से नाराज ग्रामीणों और आदिवासी अंचल के लोगों ने विद्युत मंडल के ग्रिड परिसर का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक धरना देकर ग्रामीणों ने विभाग के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की और बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले काफी समय से बिजली की आंख-मिचौली लगातार जारी है। कभी घंटों बिजली गुल रहती है तो कभी बार-बार विद्युत आपूर्ति बाधित होती है। इसका सीधा असर ग्रामीण जनजीवन और किसानों की खेती-किसानी पर पड़ रहा है। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहीं घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए बार-बार परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों से चर्चा करने पहुंचे विद्युत विभाग के अधिकारी
विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही विद्युत विभाग के जेई श्याम रायकवार और सरवन प्रभारी लाइनमैन अनिल सकरेले सहित विभागीय अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि क्षेत्र में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और बार-बार होने वाली कटौती की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा
स्थिति को देखते हुए सैलाना थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। एएसआई हितेंद्र परिहार, आरक्षक पप्पू वाघेला, आरक्षक मनीष खराड़ी और डायल-112 पायलट ने मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखी। अधिकारियों की समझाइश और विभागीय चर्चा के बाद ग्रामीणों को बिजली व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिया गया।
विद्युत विभाग ने दो दिन में सुधार का दिया आश्वासन, ग्रामीणों ने समाप्त किया धरना
ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए विद्युत विभाग की ओर से दो दिन का समय दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि आगामी दो दिनों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार कर दिया जाएगा और क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था सुचारू करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। विभाग के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना करीब दो घंटे चला धरना समाप्त कर दिया।
अब ग्रामीणों को विभाग द्वारा दिए गए आश्वासन पर अमल होने का इंतजार है। देखना होगा कि दो दिनों में बिजली व्यवस्था कितनी सुधरती है और कोटड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अघोषित बिजली कटौती से कितनी राहत मिलती है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत